उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा सुरंग के निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ कंक्रीट की लाइनिंग गिरने से 21 वर्षीय श्रमिक की जान चली गई।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट (शॉट्रीट) का हिस्सा गिरने से हादसा हुआ।
- झारखंड के एक 21 वर्षीय श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई।
- हादसा बरकोट की ओर से सुरंग के अंदर लगभग 900 मीटर की गहराई पर हुआ।
- NHIDCL द्वारा मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चार धाम ऑल-वेदर रोड कनेक्टिविटी परियोजना के तहत निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग (Silkyara Tunnel) के भीतर एक बड़ा हादसा हुआ है। शुक्रवार तड़के लगभग 2:00 बजे, सुरंग के भीतर कंक्रीट की लाइनिंग (शॉट्रीट) का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक युवा श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का विवरण और पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बरकोट की ओर से सुरंग के अंदर लगभग 900 मीटर की दूरी पर हुई। मृतक की पहचान झारखंड के एक 21 वर्षीय युवक के रूप में हुई है, जो निर्माण कार्य में लगा हुआ था। उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्या ने पुष्टि की है कि मलबे में दबने के कारण श्रमिक की जान चली गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सुरक्षा मानकों पर सवाल और जांच
सिलक्यारा सुरंग का निर्माण नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) की देखरेख में किया जा रहा है। इस दुखद घटना के बाद, NHIDCL ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या सुरक्षा मानकों में किसी बड़ी चूक की वजह से।
सिलक्यारा सुरंग का पिछला इतिहास
गौरतलब है कि सिलक्यारा सुरंग पहले भी विवादों और चर्चाओं में रही है। कुछ समय पूर्व, एक भूस्खलन के कारण इस सुरंग के भीतर 41 श्रमिक 17 दिनों तक फंसे रहे थे, जिसके बाद एक विशाल बचाव अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इस नए हादसे ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में सुरंग निर्माण के दौरान भूगर्भीय अस्थिरता और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।