मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश सरकार ने UN-Habitat के साथ शहरी विकास के लिए समझौता किया है, जिसका लक्ष्य अमरावती में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना करना है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • आंध्र प्रदेश सरकार और UN-Habitat के बीच समावेशी शहरी विकास के लिए समझौता हुआ।
  • अमरावती में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर अर्बन अफेयर्स' की स्थापना की जाएगी।
  • इसका उद्देश्य शहरी गरीबी को कम करना और टिकाऊ शहरी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।
  • यह पहल SURGE AP, RISE AP और UPLIFT AP जैसे राज्य के प्रमुख कार्यक्रमों को मजबूती देगी।

विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के शहरी परिदृश्य को वैश्विक मानकों के अनुरूप बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र मानव बस्तियों कार्यक्रम (UN-Habitat) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस ऐतिहासिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में समावेशी और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

अमरावती: भविष्य की विश्वस्तरीय राजधानी

इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू अमरावती में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर अर्बन अफेयर्स' की स्थापना करना है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस अवसर पर कहा कि सरकार अमरावती को एक विश्वस्तरीय ग्रीनफील्ड राजधानी शहर के रूप में विकसित करने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह केंद्र न केवल शहरी नियोजन में अनुसंधान करेगा, बल्कि राज्य की प्रमुख योजनाओं जैसे SURGE AP, RISE AP और UPLIFT AP के कार्यान्वयन में भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

शहरी गरीबी उन्मूलन और सतत विकास

UN-Habitat की कार्यकारी निदेशक अनाक्लाउडिया रॉसबैक ने अमरावती के विजन की सराहना करते हुए कहा कि यह साझेदारी अपशिष्ट प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों के विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। यह सहयोग 2036 तक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति को भी गति देगा। समझौते के तहत, दोनों पक्ष रणनीतिक शहरी नियोजन, जलवायु-लचीले शहरी पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल गवर्नेंस और नगर पालिका वित्त के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

यह साझेदारी केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका गहरा सामाजिक प्रभाव भी होगा। यह शहरी गरीबों के जीवन स्तर में सुधार करने, उनकी आजीविका को सुरक्षित करने और शहरी गरीबी को जड़ से मिटाने के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करेगी। नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग के नेतृत्व में यह पहल आंध्र प्रदेश को भारत के सबसे आधुनिक और समावेशी राज्यों में से एक के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है।