गुजरात के कच्छ जिले में गुरुवार दोपहर महज तीन मिनट के अंतराल में दो भूकंपीय झटके महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना। दोनों झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.2 से 3.6 के बीच दर्ज की गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कच्छ में दोपहर 2:20 बजे 3.6 तीव्रता का पहला झटका आया।
- ठीक तीन मिनट बाद 2:23 बजे 3.2 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया गया।
- प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, किसी भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
- कच्छ क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील (Seismic Zone) माना जाता है।
गुजरात के कच्छ जिले में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महज तीन मिनट के भीतर धरती दो बार कांपी। भूकंप के इन दो झटकों ने स्थानीय निवासियों को भयभीत कर दिया, हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
दो झटकों का विवरण और केंद्र
भूकंपीय आंकड़ों के अनुसार, पहला झटका दोपहर 2:20 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र खावड़ा से लगभग 32 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था। इसके ठीक तीन मिनट बाद, यानी दोपहर 2:23 बजे, दूसरा झटका महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 3.2 दर्ज की गई। इस दूसरे भूकंप का केंद्र धोलावीरा से 32 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था।
कच्छ की भौगोलिक संवेदनशीलता
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्छ का क्षेत्र भूगर्भीय रूप से अत्यंत सक्रिय और भूकंपीय रूप से संवेदनशील है। यहाँ की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण समय-समय पर मध्यम और हल्के तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भी बड़े भूकंपों का गवाह रहा है, जो इसे वैज्ञानिकों की निगरानी में रखता है।
देश में भूकंपीय गतिविधियों का बढ़ता क्रम
कच्छ की इस घटना ने देश में हाल ही में बढ़ी भूकंपीय गतिविधियों की ओर भी ध्यान खींचा है। इससे पहले 13 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था। वहीं, 9 जुलाई को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र (नांदेड़, हिंगोली और परभणी) में भी झटके महसूस किए गए थे। ये घटनाक्रम दर्शाते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न हिस्सों में टेक्टोनिक हलचलें सक्रिय हैं।