बेंगलुरु स्थित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी KAPL के प्रबंध निदेशक अनुराग दानयाक को CBI ने ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना और विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • KAPL के एमडी अनुराग दानयाक को नोएडा में ₹5 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
  • आरोपी ने भोपाल की एक फर्म से ₹15 लाख की मांग की थी।
  • CBI ने छापेमारी में ₹75 लाख नकद, ₹86 लाख का सोना और ₹4 लाख की विदेशी मुद्रा जब्त की।
  • यह मामला सर्विस एजेंट समझौते के नवीनीकरण और कमीशन से संबंधित है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU), कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक अनुराग दानयाक को गिरफ्तार किया है। दानयाक को नोएडा में एक भोपाल स्थित फर्म से ₹5 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

भ्रष्टाचार का पूरा मामला

CBI के प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी एमडी ने भोपाल की एक फर्म से कुल ₹15 लाख की मांग की थी। यह फर्म KAPL की अधिकृत सेवा एजेंट है और मध्य प्रदेश के सरकारी संस्थानों में दवाओं की आपूर्ति करती है। रिश्वत की मांग फर्म के 'सर्विस एजेंट समझौते' को मंजूरी देने, अतिरिक्त संस्थानों को सौंपने के आवेदन को निपटाने और दवाओं की बिक्री पर मिलने वाले कमीशन में हिस्सा लेने के बदले में की गई थी।

छापेमारी और भारी बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद, CBI ने अनुराग दानयाक के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने दानयाक के नोएडा स्थित आवास और बेंगलुरु स्थित कार्यालय कक्ष से लगभग ₹75 लाख नकद और ₹4 लाख मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद की है। इसके अतिरिक्त, लगभग ₹86 लाख मूल्य के 697 ग्राम सोने के आभूषण और सिक्के, साथ ही एक आवासीय फ्लैट के संपत्ति दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

PSU क्षेत्र में नैतिक संकट

यह घटना सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। KAPL जैसी महत्वपूर्ण दवा निर्माता कंपनी के शीर्ष अधिकारी का इस तरह के घोटाले में शामिल होना न केवल संस्थागत अखंडता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकारी अनुबंधों और कमीशन के खेल में नैतिकता की बलि दी जा रही है। वर्तमान में CBI इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार के अन्य संभावित लिंक का पता लगाया जा सके।