कर्नाटक के विजयनगर उपजिला में उपभोकता जल आपूर्ति और मलजल शोधन परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए डिप्टी कमिश्नर कविता एस. मानिकेरी ने सभी लंबित एफएसटीपी‑एसटीपी कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने देरी और गुणात्मक गिरावट पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • एफएसटीपी और एसटीपी कार्यों को अगस्त तक पूर्ण करना अनिवार्य
  • विलंब या कम गुणवत्ता वाले कार्यों पर कानूनी कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग
  • पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक

डिप्टी कमिश्नर कविता एस. मानिकेरी ने मंगलवार को होस्पेटे में आयोजित समीक्षा बैठक में अमृत 2.0 जल आपूर्ति और जल निकासी परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस बैठक में जिला शहरी विकास सेल के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नगर आयुक्त और कई विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे।

समय‑सीमा का कड़ाई से पालन

उपजिला अधिकारी और ठेकेदारों को निर्देश दिया गया कि सभी लंबित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) कार्यों को निर्धारित समय‑सीमा के भीतर निपटाया जाए। देर‑बिलंब या अधूरे काम पर कड़ी सजा, कानूनी कार्रवाई और संभावित ब्लैकलिस्टिंग का ख़तरा बताया गया।

अड़चनें और समाधान

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि सड़क किनारे छोटे‑छोटे विक्रय केंद्रों द्वारा पाइपलाइन कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत इन अतिक्रमणों को हटाने और साइट को साफ़ करने का आदेश दिया, ताकि कार्य अगस्त के अंत तक समाप्त हो सके और पूरे प्रोजेक्ट का समापन दिसंबर 2026 तक हो। साथ ही, पाइपलाइन कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्रता से पुनर्स्थापित करने को कहा गया।

प्रगति की वर्तमान स्थिति

उपजिला के सात शहरों में अमृत 2.0 लागू किया जा रहा है, जहाँ जनसंख्या एक लाख से कम है। मारियमनहल्ली में 2023 से शुरू हुए 54‑58 किमी के पाइपलाइन कार्य का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि जल शोधन प्लांट की सिविल कार्यवाही समाप्त और इलेक्ट्रो‑मैकेनिकल कार्य जारी हैं। तीन प्रस्तावित ओवरहेड टैंकों में से दो लगभग समाप्त हो रहे हैं, जबकि 10 लाख लीटर क्षमता वाले टैंक में साइट‑सम्बंधी समस्याओं के कारण देरी है।

आगे का मार्गदर्शन

डिप्टी कमिश्नर ने सभी विभागों को समन्वय बढ़ाने, तकनीकी अड़चनें नहीं बताने और जल उपचार प्लांट एवं ओवरहेड टैंकों की पूर्णता के बाद ही घरेलू नल कनेक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया। ठेकेदारों को अतिरिक्त कुशल कर्मियों की तैनाती और इलेक्ट्रो‑मैकेनिकल फिटिंग कार्य को तेज करने के लिए प्रेरित किया गया। अगले सप्ताह तक सभी बकाया कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।