राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील टाटकर ने सुनैत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने वाले नोटिस को अस्वीकृत कर कहा कि पार्टी में कोई विभाजन नहीं है। उन्होंने बताया कि चुनाव पार्टी के संविधान के अनुसार आयोजित हुआ और नोटिस का कोई कानूनी प्रभाव नहीं है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सुनैत्रा पवार की अध्यक्षता वैध है
  • पार्टी में कोई विभाजन नहीं
  • नोटिस की कानूनी वैधता पर जांच जारी

नई दिल्ली: राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) ने मंगलवार को अपने राष्ट्रीय सचिव सचिदानंद द्वारा जारी किए गए नोटिस को खारिज कर दिया, जिसमें सुनैत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुने जाने को असंवैधानिक बताया गया था। पार्टी के प्रमुख नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील टाटकर ने कहा कि इस मुद्दे से पार्टी में कोई दरार नहीं है और चुनाव पूरी तरह से संविधान के अनुरूप हुआ।

पार्टी के भीतर त्वरित प्रतिक्रिया

प्रफुल्ल पटेल ने PTI को बताया, “पार्टी में कोई रिफ्ट नहीं है। सभी वरिष्ठ नेता सुनैत्रा पवार से मिलते हैं और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हैं। सचिदानंद का लिखित नोटिस कोई वजन नहीं रखता; किसी भी समस्या को पार्टी के हित में सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।” इसी तरह, महाराष्ट्र के NCP अध्यक्ष सुनील टाटकर ने नोटिस को “अवैध” कहा और कहा कि पार्टी पहले इसकी कानूनी वैधता का परीक्षण करेगी।

नोटिस का मूल दावा

सचिदानंद ने 9 जुलाई को एक दिल्ली‑आधारित लॉ फर्म के माध्यम से नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि 26 फरवरी को हुई अध्यक्षता चयन प्रक्रिया में कई प्रक्रियात्मक त्रुटियां थीं। उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष अजित पवार की अचानक मृत्यु के बाद, पार्टी ने चुनाव आयोग को प्रफुल्ल पटेल को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त करने की सूचना दी थी, परंतु जनरल सेक्रेटरी बृजमोहन श्रीवास्तव ने बिना अधिकार के राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर चुनाव प्रक्रिया शुरू की।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और संभावित प्रभाव

अजित पवार की 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में मृत्यु ने NCP के नेतृत्व में अचानक बदलाव लाया। इस असाधारण स्थिति में पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष की आशंकाएँ बनीं, लेकिन सुनैत्रा पवार के चुनाव के बाद से नेतृत्व अधिक स्थिर दिखाई देता है। यदि नोटिस को वैध माना गया तो यह पार्टी के संविधान में संशोधन या नई चुनाव प्रक्रिया की मांग कर सकता है, जिससे महाराष्ट्र और राष्ट्रीय स्तर पर NCP की रणनीतिक स्थिति पर असर पड़ेगा।

आगे का रास्ता

टाटकर ने कहा कि पार्टी का कोर कमेटी जल्द ही मिलकर कानूनी सलाह लेगी और नोटिस के जवाब में उचित कार्रवाई तय करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के साथ वित्त पोर्टफोलियो पर चर्चा की जाएगी, जो पहले अजित पवार के अधीन था। साथ ही, 22 जुलाई से एक सप्ताह के कार्यक्रम के माध्यम से अजित पवार के जन्म दिवस को मनाया जाएगा, जिससे पार्टी की एकजुटता और विरासत पर बल दिया जाएगा।