बिहार में चलती ट्रेन में हुए देव कुमार गुंजन हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक की पत्नी, जो एक सरकारी अधिकारी है, ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर 4 लाख रुपये की सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • वर्ष 2017 में बिजली विभाग में एक साथ नौकरी शुरू करने वाले तीन सहकर्मियों के बीच पनपा घातक त्रिकोण।
  • पत्नी स्मिता कुमारी (MVI) और उसके प्रेमी अजीत कुमार ने देव कुमार की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी।
  • चलती ट्रेन में लूटपाट का नाटक रचकर की गई हत्या का पुलिस और एसटीएफ ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से पर्दाफाश किया।

साल 2017 में बिहार के सरकारी महकमे में एक साथ करियर शुरू करने वाले तीन युवाओं की कहानी नौ साल बाद एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज हत्याकांड के मोड़ पर आकर खत्म होगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि देव कुमार गुंजन की पत्नी स्मिता कुमारी और उसके पुराने सहकर्मी अजीत कुमार के बीच पनपे अवैध संबंधों के कारण इस पूरी साजिश को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने देव कुमार को रास्ते से हटाने के लिए पेशेवर शूटर को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

सहकर्मी से जीवनसाथी और फिर विश्वासघात का सफर

इस कहानी की शुरुआत सीतामढ़ी से हुई थी, जहां देव कुमार गुंजन, स्मिता कुमारी और अजीत कुमार ने विद्युत विभाग में एक साथ नौकरी ज्वाइन की थी। साथ काम करते हुए देव और स्मिता के बीच नजदीकियां बढ़ीं और 2018 में दोनों ने शादी कर ली। कुछ समय बाद उनके घर एक बेटी का जन्म भी हुआ। बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन समय के साथ उनके तबादले अलग-अलग जिलों में हो गए। देव कुमार जमुई चले गए, जबकि अजीत कुमार की पोस्टिंग नालंदा में हुई। वर्ष 2023 में स्मिता कुमारी का चयन मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर हुआ और उनकी पोस्टिंग सुपौल में हो गई। इसी दौरान स्मिता और अजीत के बीच दूरियां मिटने लगीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए।

चलती ट्रेन में रची गई खूनी साजिश

पुलिस के अनुसार, जब देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी और प्रेमी के बीच सबसे बड़ी बाधा बनने लगे, तो दोनों ने मिलकर उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने जहानाबाद के घोसी क्षेत्र के रहने वाले राजू कुमार उर्फ धीरज से संपर्क किया और हत्या के लिए 4 लाख रुपये की नकद डील तय की। 11 जून 2026 की सुबह जब देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी से मिलने के लिए जनसाधारण एक्सप्रेस से सुपौल जा रहे थे, तब बदलाघाट स्टेशन के पास घात लगाए शूटर ने चलती ट्रेन में उन्हें गोली मार दी। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।

वैज्ञानिक जांच से खुला राज

शुरुआत में स्मिता कुमारी ने इस घटना को ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर हुई हत्या का रूप देने का प्रयास किया। लेकिन रेल पुलिस, विशेष जांच दल (SIT) और एसटीएफ की संयुक्त तकनीकी जांच ने साजिश की परतों को खोल दिया। पुलिस ने जब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और दोनों प्रेमियों की लोकेशन खंगाली, तो स्मिता का झूठ बेनकाब हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पत्नी स्मिता कुमारी, प्रेमी अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।