भारतीय नौसेना के प्रमुख, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, ने विषहर में स्थित पूर्वी नौसैनिक कमांड का पहला दौरा किया, जहाँ उन्होंने समुद्री सुरक्षा माहौल और परिचालन तैयारियों का विस्तृत ब्रीफ़िंग प्राप्त किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने ईएनसी का पहला दौरा किया।
- वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने समुद्री सुरक्षा माहौल पर ब्रीफ़ किया।
- कर्मचारियों की उच्च तत्परता और पेशेवरिता की प्रशंसा की गई।
विषहर, 14 जुलाई, 2026 – भारतीय नौसेना के प्रमुख, एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, ने अपने पदभार संभालने के बाद पहली बार पूर्वी नौसैनिक कमांड (ENC) का दौरा किया। यह यात्रा न केवल उनके नेतृत्व का प्रतीक है, बल्कि भारत के पूर्वी समुद्री तट पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति नई रणनीतिक दिशा का संकेत भी देती है।
ब्रीफ़िंग और परिचालन तत्परता
दौरे के दौरान, वाइस एडमिरल संजय भल्ला, जो ENC के कमांडिंग‑इन‑चीफ़ हैं, ने एडमिरल स्वामीनाथन को वर्तमान समुद्री सुरक्षा माहौल पर विस्तृत ब्रीफ़िंग दी। इस ब्रीफ़िंग में एशिया‑प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों, चीन की समुद्री शक्ति विस्तार, तथा भारतीय समुद्री सीमा पर संभावित खतरे शामिल थे। साथ ही, ENC की परिचालन तत्परता, जहाजों की तैनाती, और भारतीय महासागर क्षेत्र में चल रहे कई संयुक्त अभ्यासों की जानकारी भी साझा की गई।
कर्मचारियों की प्रशंसा
ब्रीफ़िंग के बाद, एडमिरल स्वामीनाथन ने ENC के सभी अधिकारियों और कर्मियों को संबोधित करते हुए उनके उच्च मानकों, पेशेवरिता, और भारत के समुद्री हितों की रक्षा में उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “भविष्य में भी, हमारी नौसैनिक ताकत को तेज, लचीला और रणनीतिक रूप से तैयार रहना होगा, ताकि कोई भी समुद्री चुनौती हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित न कर सके।”
इतिहास एवं भविष्य की दिशा
पूर्वी नौसैनिक कमांड का इतिहास 1949 से शुरू होता है, जब भारत ने अपना पहला समुद्री डाकघर स्थापित किया। तब से, ENC ने कई प्रमुख युद्धों और मानवीय मदद अभियानों में भूमिका निभाई है, जिसमें 1971 के युद्ध और 2004 के सुमात्रा भूकंप के बाद राहत कार्य शामिल हैं। आज, ENC को भारतीय प्रशांत की बढ़ती रणनीतिक महत्ता को देखते हुए, नई जहाजों, पनडुब्बियों, और एंटी‑सबमरीन क्षमताओं के साथ पुनर्संरचना का कार्य दिया गया है।
भविष्य के कदम
दौरे के समापन पर, एडमिरल स्वामीनाथन ने ENC को समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करने का आदेश दिया। उन्होंने नई तकनीकी निवेश, समुद्री डोमेन जागरूकता कार्यक्रम, और समुद्री क्षेत्र में भारत की शक्ति projection को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।