पुणे में कचरा‑ऊर्जा प्लांट के पतन के बाद, मुंबई महानगर पालिका ने कंजूरमार्ग, डियोनर और मुलुंड के लैंडफ़िलों की व्यापक सुरक्षा जांच का आदेश दिया। इस कदम से संभावित ढहाव, आग और मीथेन जोखिमों को रोकने की कोशिश की जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कंजूरमार्ग, डियोनर और बंद मुलुंड लैंडफ़िल पर विस्तृत सुरक्षा ऑडिट
- संरचनात्मक स्थिरता, मीथेन गैस और आग जोखिमों की जाँच
- अस्थिर खुदाई क्षेत्रों को तुरंत प्रतिबंधित करना
पुणे के मोशी में एक कचरा‑ऊर्जा संयंत्र के भवन के ढहने से नौ लोगों की मृत्यु और कई कर्मचारियों का फंसा रहना, शहर के कचरा प्रबंधन प्रणाली को गंभीर सवालों के घेरे में ले आया। इस दुखद घटना के बाद, मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने तीन प्रमुख लैंडफ़िल — कंजूरमार्ग, डियोनर और बंद मुलुंड — की सुरक्षा का व्यापक ऑडिट शुरू करने का आदेश दिया।
ऑडिट का दायरा और उद्देश्य
बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयोग, विपिन शर्मा ने मंगलवार को एक विशेष बैठक बुलाकर लैंडफ़िल और रिफ्यूज ट्रांसफ़र स्टेशन की सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा का निर्देश दिया। ऑडिट में पुराने कचरे की ढलानों की ऊँचाई, अस्थिर खुदाई क्षेत्रों की पहचान, तथा लैंडफ़िल कोशिकाओं के भीतर स्थित शेड, कार्यशालाएँ और अन्य सुविधाओं की संरचनात्मक स्थिरता की जांच शामिल होगी।
मुलुंड में बायो‑माइनिंग पर विशेष ध्यान
बंद मुलुंड लैंडफ़िल पर बीएमसी द्वारा चल रहे बायो‑माइनिंग कार्य को भी इस ऑडिट में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बायो‑माइनिंग के दौरान यदि खुदाई अस्थिर हो तो यह भविष्य में समान दुर्घटनाओं को जन्म दे सकता है। इसलिए, तत्काल अस्थिर क्षेत्रों को बैरिकेड करने और अनधिकृत प्रवेश को रोकने का आदेश दिया गया है।
आग और मीथेन जोखिमों की जाँच
डियोनर में आगामी कचरा‑से‑ऊर्जा (WTE) सुविधा के निर्माण को देखते हुए, मीथेन गैस के रिसाव और संभावित आग के जोखिमों को भी विशेष रूप से जांचा जाएगा। शर्मा ने सभी ठेकेदारों को मॉक‑ड्रिल आयोजित करने और RDF (रिफ़्यूल डेस्टिनेशन फ्यूल) के संचय से उत्पन्न हो सकने वाली आग से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।
भविष्य की दिशा
ऑडिट के परिणामों के आधार पर बीएमसी अतिरिक्त इंजीनियरिंग और संचालन नियंत्रण लागू करेगा, जिससे ढहाव, ढलान विफलता, आग या उपकरण दुर्घटना जैसी घटनाओं को पहले से ही रोका जा सके। साथ ही, मौसमी भारी बारिश के लिए जल निकासी और जल‑प्रबंधन प्रणाली की तैयारी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इस पहल से मुंबई के कचरा प्रबंधन में पारदर्शिता और सार्वजनिक सुरक्षा को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।