दिल्ली सरकार ने छात्रों के लिए एक व्यापक स्टार्ट‑अप नीति लॉन्च की, जिसमें सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को अधिकतम ₹10 लाख की शुरुआती फंडिंग मिलेगी। नीति के तहत ₹400 करोड़ का निवेश, नई इन्क्यूबेशन सेंटर और वार्षिक ‘दिल्ली स्टार्ट‑अप यूथ फेस्टिवल’ की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- दिल्ली सरकार ने अगले पाँच सालों में नीति के लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए हैं।
- सरकारी स्कूल, कॉलेज और आईटीआई के छात्रों को अधिकतम ₹10 लाख की शुरुआती निधि मिलेगी।
- नई इन्क्यूबेशन सेंटर, वार्षिक फेस्टिवल और निगरानी समिति के साथ एक मजबूत नवाचार इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
दिल्ली के मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता ने 17 जुलाई को घोषणा की कि राज्य सरकार छात्रों को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से एक नया स्टार्ट‑अप एवं इन्क्यूबेशन नीति लागू करेगी। इस नीति के तहत सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और इन्डस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) के छात्रों को अधिकतम ₹10 लाख की शुरुआती फंडिंग दी जाएगी, जिससे वे अपने विचारों को वास्तविक व्यवसाय में बदल सकें।
नीति का दायरा और वित्तीय समर्थन
राज्य सरकार ने इस पहल के लिए कुल ₹400 करोड़ का बजट निर्धारित किया है, जो अगले पाँच वर्षों में वितरित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री आशीष सूड ने बताया कि यह फंडिंग केवल सामान्य जनता के लिये नहीं, बल्कि छात्रों के शुरुआती विचार‑स्तर से लेकर प्रोटोटाइप विकास, पेटेंट प्राप्ति और वाणिज्यिकरण तक के सभी चरणों में मदद करने के लिये है। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “छात्र‑केंद्रित नीति विभिन्न चरणों में ₹10 लाख तक की निधि उपलब्ध कराएगी।”
इन्क्यूबेशन सेंटर और समर्थन संरचना
नयी नीति के तहत स्कूलों और कॉलेजों में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों को आधुनिक बुनियादी सुविधाएँ, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बौद्धिक संपदा सहायता, प्रयोगशालाओं तक पहुँच और निवेशकों से नेटवर्किंग के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, केंद्रों को वार्षिक संचालन सहायता भी मिलेगी, जिससे नवाचार गतिविधियों को निरंतरता मिलेगी।
वार्षिक ‘दिल्ली स्टार्ट‑अप यूथ फेस्टिवल’
नीति के हिस्से के रूप में सरकार ‘दिल्ली स्टार्ट‑अप यूथ फेस्टिवल’ का आयोजन करेगी, जहाँ युवा नवाचारकर्ता, शैक्षणिक संस्थान, निवेशक और उद्योग प्रतिनिधि मिलकर अपने विचारों को प्रदर्शित करेंगे। यह मंच सहयोगी परियोजनाओं और संभावित वित्तीय समर्थन को उत्प्रेरित करने का काम करेगा।
पिछले प्रशासन की तुलना और भविष्य की दिशा
पूर्व में एएपी सरकार ने 2021 में ‘बिजनेस ब्लास्टर’ योजना शुरू की थी, जिसमें कक्षा XI‑XII के छात्रों को ₹2,000 की सहायता दी गई थी। हालांकि, उस योजना को 2022 में समाप्त कर दिया गया और उसका बजट केवल ₹22 करोड़ था। वर्तमान नीति के विपरीत, नई पहल का बजट ₹400 करोड़ है, जिससे यह एक पूर्ण‑स्तरीय कार्यक्रम बनता है जो छात्रों को नौकरियों के खोजकर्ता से नौकरी‑निर्माता में बदलने का लक्ष्य रखता है।