FIDE ने 2028 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए रेटिंग स्पॉट को समाप्त कर दिया और Total Chess World Championship Tour के माध्यम से दो नई जगहें निर्धारित कीं। यह बदलाव तेज़ क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट को प्राथमिकता देता है, जिससे खिलाड़ियों और कोचों में बहस छिड़ गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- 2028 कैंडिडेट्स में रेटिंग स्पॉट समाप्त.
- Total Chess World Championship Tour से दो सीधी जगहें.
- तेज़ समय नियंत्रणों की ओर रुझान, पारंपरिक क्लासिकल को कम महत्व.
FIDE ने 2028 कैंडिडेट्स टूरनामेंट की योग्यता प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इस वर्ष की घोषणा के बाद, विश्व शतरंज संघ ने रेटिंग-आधारित जगह को हटाते हुए, Total Chess World Championship Tour के शीर्ष दो खिलाड़ियों को सीधे आठ-खिलाड़ी कैंडिडेट्स में प्रवेश देने का प्रावधान किया।
पारंपरिक कैंडिडेट्स की पृष्ठभूमि
कैंडिडेट्स टूरनामेंट, जो विश्व शतरंज चैंपियनशिप के चुनौतीकर्ता का चयन करता है, पहले विभिन्न क्वालीफिकेशन मार्गों जैसे विश्व कप में तीसरा स्थान, रेटिंग स्पॉट, और ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट पर निर्भर करता था। इन मार्गों ने खिलाड़ियों को विभिन्न समय नियंत्रणों में प्रदर्शन करने का अवसर दिया।
नया Total Chess World Championship Tour
नॉर्वे द्वारा आयोजित यह टूर, जिसमें विश्व नंबर 1 Magnus Carlsen भी भाग लेते हैं, क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट को एक साथ मिलाकर चार आउट ऑफ आठ कैंडिडेट्स स्थानों को तय करता है। टूर की अंतिम स्टैंडिंग में शीर्ष दो खिलाड़ी सीधे कैंडिडेट्स में प्रवेश करेंगे, जिससे तेज़ खेल शैली को बढ़ावा मिलेगा।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ और संभावित प्रभाव
अमेरिकन ग्रैंडमास्टर Hans Niemann ने बदलाव की सराहना की, जबकि कई कोच और खिलाड़ियों ने कहा है कि क्लासिकल शतरंज को कम महत्व देना खेल की परम्परा को कमजोर कर सकता है। डच ग्रैंडमास्टर Anish Giri ने X पर लिखा, “स्विस फॉर्मेट अधिक क्लासिकल गेम्स देता है, लेकिन नया फॉर्मेट व्यावसायिक आकर्षण और वैश्विक विकास को ध्यान में रखता है।” यह बदलाव आगामी सितम्बर में होने वाले FIDE चुनावों से ठीक पहले आया है, जहाँ incumbent President Arkady Dvorkovich अपना तीसरा कार्यकाल चाह रहे हैं।
महिला कैंडिडेट्स में समान परिवर्तन
2028 महिला कैंडिडेट्स के लिए भी चार क्वालीफिकेशन श्रृंखलाएँ—Women’s Grand Swiss, Grand Prix Series, Women’s World Cup, और FIDE Circuit—प्रत्येक दो जगहें प्रदान करेंगे, जिससे समान अवसर स्थापित होगा।
इन परिवर्तनों से शतरंज की भविष्य दिशा स्पष्ट हो रही है: तेज़ समय नियंत्रण, बढ़ी हुई वित्तीय प्रोत्साहन, और व्यापक वैश्विक पहुंच। खिलाड़ियों को नई रणनीतियों और तैयारी के साथ अनुकूल होना पड़ेगा, जबकि शतरंज महासंघ को संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।