निति आयोग ने बायोइकोनॉमी को 2025 में $195.3 बिलियन से 2047 तक $2.6 ट्रिलियन तक बढ़ाने के लिए ₹5,000 करोड़ की फंडिंग प्रस्तावित की। यह योजना मिशन‑मोड कार्यान्वयन, नई वित्तीय व्यवस्था और नियामक सुधारों के साथ भारत को शीर्ष‑तीन बायोटेक शक्ति बनाना चाहती है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ₹5,000 करोड़ का बायोइकोनॉमी ग्रोथ फंड स्थापित किया जाएगा
  • छह राष्ट्रीय बायोटेक मिशन 2035 तक लॉन्च होंगे
  • बायोइकोनॉमी का आकार 2025 में $195.3 बिलियन से 2047 में $2.6 ट्रिलियन होगा

नई दिल्ली (16 जुलाई, 2026) – निति आयोग ने “Roadmap for Building India as a Leading BioEconomy Powerhouse by 2035” शीर्षक वाली विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें भारत को 2035 तक विश्व की शीर्ष‑तीन बायोटेक्नोलॉजी शक्तियों में शामिल करने की महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की गई है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु में ₹5,000 करोड़ (लगभग 50,000 करोड़) का बायोइकोनॉमी ग्रोथ फंड, बायो‑मैन्युफैक्चरिंग के लिए उत्पादन‑लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना और छह राष्ट्रीय बायो‑मिशन शामिल हैं।

पृष्ठभूमि और मौलिक दिशा-निर्देश

भारत की बायोइकोनॉमी 2025 में $195.3 बिलियन के मूल्य पर है, लेकिन निति आयोग का मानना है कि अगर मिशन‑मोड कार्यान्वयन, विशेष वित्तीय उपकरण और क्रॉस‑मिनिस्ट्रील समन्वय लागू किया जाए तो यह 2035 में $691 बिलियन और 2047 में $2.6 ट्रिलियन तक बढ़ सकता है। यह वृद्धि 30 मिलियन से अधिक उच्च‑मूल्य वाले रोजगार सृजित कर सकती है, जिससे रोजगार‑संकट और आय‑समानता दोनों को लाभ होगा।

फ़ंड का संरचना और लक्ष्य

प्रस्तावित ₹5,000 करोड़ फंड को “वैलिटी‑गैप” फाइनेंस, इक्विटी‑रिस्क इंस्ट्रूमेंट, और बायो‑मैन्युफैक्चरिंग के लिए बुनियादी ढांचा समर्थन के मिश्रण के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य प्रूफ‑ऑफ़‑कंसेप्ट शोध और बड़े‑पैमाने पर उत्पादन के बीच मौजूद “वैल्ली ऑफ़ डेथ” को पाटना है। फंड के तहत उन्नत थैरेप्यूटिक, सिंथेटिक बायोलॉजी, फर्मेंटेशन तकनीक और डायग्नोस्टिक क्षेत्रों में तेज़ निवेश किया जाएगा।

छह राष्ट्रीय बायो‑मिशन

रिपोर्ट ने छह विशिष्ट मिशन प्रस्तुत किए हैं: GeneIndia (सस्ती जीन एवं सेल थैरेपी), AgriBio 2.0 (जलवायु‑सहिष्णु जीन‑एडिटेड फसलें), BioX Foundry (सिंथेटिक बायोलॉजी का व्यावसायीकरण), One Health Grid (संक्रमण‑रोग एवं एंटी‑माइक्रोबियल रेजिस्टेंस की निगरानी), Marine Biotechnology (समुद्री शैवाल एवं बायो‑प्रोडक्ट्स), तथा BioPharmaNext (बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स एवं एआई‑सहायता ड्रग डिस्कवरी) शामिल हैं।

नवीन संस्थागत ढांचा

इन मिशनों की प्रभावी निगरानी के लिए एक सशक्त कमेटी, राष्ट्रीय बायोडाटा काउंसिल, बायोइकोनॉमी निवेश व नीति मंच और बायो‑आईपी मूल्यांकन एजेंसी स्थापित करने का प्रस्ताव है। यह ढांचा डेटा‑शेयरिंग, निजी‑सार्वजनिक गठबंधन और बौद्धिक सम्पदा के तेज़ी से व्यावसायीकरण को सुनिश्चित करेगा।

भविष्य की दृष्टि

रिपोर्ट बायोटेक्नोलॉजी को डिजिटल सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा प्रणाली के समान राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा मानती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमैटेड बायोफ़ाउंड्रीज़ को एकीकृत करके शोध‑समय को घटाया जा सकेगा, जिससे भारत को वैश्विक बायो‑मैन्युफैक्चरिंग में प्रतिस्पर्धी स्थान मिलेगा।