नशा मुक्त भारत अभियान के तहत श्रीनगर पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रहार करते हुए 3.34 करोड़ रुपये से अधिक की चार संपत्तियों को कुर्क कर लिया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • श्रीनगर पुलिस ने NDPS अधिनियम की धारा 68F के तहत कार्रवाई की।
  • नशीले पदार्थों की अवैध कमाई से बनाई गई 3.34 करोड़ रुपये से अधिक की 4 संपत्तियां कुर्क की गईं।
  • यह कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान' का हिस्सा है।
  • कुर्क की गई संपत्तियों में तीन मंजिला और दो मंजिला आवासीय घर शामिल हैं।

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक निर्णायक कदम उठाया है। श्रीनगर पुलिस ने 'नशा मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान' के तहत एक व्यापक कार्रवाई करते हुए 3,34,51,957 रुपये मूल्य की चार अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम, 1985 की धारा 68F के प्रावधानों के तहत की गई है।

संपत्तियों का विवरण और कानूनी कार्रवाई

सफकदल पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित इस जांच में पाया गया कि ये संपत्तियां नशीले पदार्थों की तस्करी से प्राप्त अवैध धन के माध्यम से अर्जित की गई थीं। कुर्क की गई संपत्तियों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • नवाकदल (Estate Nawakadal): अद्वान लतीफ शेख की तीन मंजिला आवासीय इमारत, जिसकी कीमत लगभग 1.19 करोड़ रुपये है।
  • पालपोरा (Estate Palpora): दान्याल अहमद बिसाती का एकल मंजिला घर, जिसका मूल्य 1.18 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • बर्थाना (Estate Barthana): शाहिद गुल का दो मंजिला घर, जिसकी कीमत 71.31 लाख रुपये आंकी गई है।
  • गोरीपोरा (Estate Goripora): आदिल अहमद मीर की संपत्ति, जिसका मूल्य 25 लाख रुपये है।

पुलिस ने संबंधित आरोपियों को कानूनी नोटिस जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार, आरोपी इन संपत्तियों को बेचने, पट्टे पर देने, गिरवी रखने या किसी भी तीसरे पक्ष को हस्तांतरित करने के लिए अधिकृत अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने की रणनीति

श्रीनगर पुलिस का यह कदम केवल संपत्तियों को जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशीले पदार्थों के नेटवर्क के वित्तीय बुनियादी ढांचे (Financial Infrastructure) को नष्ट करने की एक सोची-समझी रणनीति है। पुलिस का मानना है कि जब तक ड्रग माफियाओं की आर्थिक कमर नहीं तोड़ी जाएगी, तब तक तस्करी के इस जाल को पूरी तरह समाप्त करना कठिन होगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में साझा करें ताकि समाज को नशा मुक्त बनाया जा सके।