गुजरात एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 13 हो गई है। आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के इशारे पर देश के विभिन्न हिस्सों में विस्फोट करने की साजिश रच रहे थे।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- गुजरात एटीएस ने 5 और आतंकियों को गिरफ्तार किया, कुल आरोपी 13 हुए।
- आरोपियों ने गुजरात में आईईडी बनाकर सुनसान इलाकों में विस्फोट का परीक्षण किया।
- पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित जैश मुख्यालय के साथ सीधा संपर्क का पता चला है।>
गुजरात एंटी-टेररिज्म स्क्वायड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक सक्रिय मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए पांच और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी देश की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि ये मॉड्यूल देश भर में बड़े पैमाने पर विस्फोटों को अंजाम देने की फिराक में था। इन नई गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तार लोगों की संख्या 13 हो गई है।
आरोपियों की पहचान और साजिश
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की पहचान बिलाल अबीद शेरा, मोहम्मद अयूब सुनासरा, मोहम्मद हसन काराडिया, मोहम्मद अयूब कादीवाल और मोहम्मद शफी मुखी के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये सभी लगभग छह महीने से एक-दूसरे के संपर्क में थे और गुजरात सहित देश के अन्य हिस्सों में धमाके करने की योजना बना रहे थे। सूत्रों ने बताया कि इन आतंकियों ने गुजरात के ही सुनसान इलाकों में आईईडी (इंप्रूवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाकर उनका परीक्षण भी किया था, जिसमें 6 से 7 बार ट्रायल किए गए।
पाकिस्तान से सीधी कनेक्शन
इस मामले की सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह मॉड्यूल सीधे पाकिस्तान में बैठे जैश के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में था। आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में खुलासा हुआ है कि वे पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित आतंकी संगठन के मुख्यालय के साथ नियमित रूप से संवाद कर रहे थे। माना जा रहा है कि भारत की 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने अपने नेटवर्क को पुनर्गठित करने की कोशिश की थी, और यह गिरफ्तारी उसी कड़ी का हिस्सा हो सकती है।
फिलहाल, गुजरात एटीएस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और पाकिस्तान स्थित आतंकियों के साथ इनके गहरे संबंधों की तह तक जाने के लिए लगातार जांच में जुटी हुई है।