स्टंट डबल सनोबर पारदिवल्ला ने 2010 की फिल्म ‘रावण’ में 150 फीट की खड़ी चट्टान से कूदते हुए जीवित रहने के कठिन अनुभव को इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिससे स्टंट सुरक्षा की अनदेखी चुनौतियों पर प्रकाश पड़ा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सनॉबर पारदिवल्ला को रावण में 150 फीट की चट्टान से कूदते समय 30 मिनट तक फँसा दिया गया।
- स्टंट सुरक्षा में तैयारी के साथ अप्रत्याशित स्थिति में श्वास नियंत्रण और शांति बनाए रखना आवश्यक है।
- इस दृश्य को टॉरस वर्ल्ड स्टंट अवार्ड में नामांकन मिला, जिससे भारतीय स्टंट कलाकारों की कड़ी मेहनत को मान्यता मिली।
फ़िल्म ‘रावण’ के क्लाइमैक्स में जहाँ ऐश्वर्या राई का किरदार रागिनी ऊँची चट्टान से कूदती है, वह दृश्य वास्तव में स्टंट डबल सनॉबर पारदिवल्ला ने किया था। 2010 में रिलीज़ हुई इस फिल्म के इस साहसिक दृश्य को आज़माते समय, सनॉबर को एक अनपेक्षित तकनीकी गड़बड़ी का सामना करना पड़ा, जिससे वह लगभग आधे घंटे तक जलप्रपात के किनारे फँसी रही।
स्टंट की पृष्ठभूमि और जोखिम
मनिरत्न द्वारा निर्देशित, ए.आर. रहमान के संगीत से सजी ‘रावण’ ने न केवल कहानी में गहराई जोड़ी, बल्कि अपने एक्शन सीक्वेंस से भी चर्चा को जन्म दिया। 150 फीट की ऊँचाई पर एक ही बार में गिरना, शारीरिक शक्ति, मनोवैज्ञानिक स्थिरता और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का समन्वय मांगता है। सनॉबर ने बताया कि इस कूद के दौरान वह 3.5 सेकंड में गिरना तय था, पर सुरक्षा के कारण वह बीच में रुक गई।
इंस्टाग्राम पर खुलासा
हाल ही में इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में सनॉबर ने बताया कि “150 फीट, 3.5 सेकंड, एक स्टंट जिसे मैं कभी नहीं भूलूँगी। अनपेक्षित जटिलता ने मुझे लगभग 30 मिनट तक क्लिफ के मध्य में लटका दिया।” उन्होंने इस घटना को स्टंट कलाकारों के अक्सर नजरअंदाज़ किए जाने वाले जोखिमों को उजागर करने के लिए साझा किया। श्वास को नियंत्रित रखना, शांत रहना और सुरक्षा प्रणालियों पर भरोसा करना उनका मुख्य संदेश था।
स्वीकृति और उद्योग पर प्रभाव
इस साहसिक दृश्य को टॉरस वर्ल्ड स्टंट अवार्ड में नामांकित किया गया, जिससे भारतीय स्टंट कलाकारों की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिली। इस घटना ने भारतीय फिल्म उद्योग में स्टंट सुरक्षा मानकों को पुनः समीक्षा करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। अब कई प्रोडक्शन हाउस अपने सेट पर उच्च‑स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाने और स्टंट कलाकारों के प्रशिक्षण में निवेश करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
भविष्य की दिशा
स्टंट कार्य की जटिलता को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में अधिक डिजिटल सिमुलेशन, वर्चुअल रियलिटी और रिमोट कंट्रोल्ड उपकरणों का उपयोग करके जोखिम को घटाया जा सकता है। साथ ही, कलाकारों को मानसिक स्वास्थ्य समर्थन भी प्रदान करना आवश्यक हो गया है, क्योंकि ऐसी स्थितियों में तनाव का स्तर अत्यधिक बढ़ जाता है।