मई 2026 में भारत के कुल तेल आयात में रूस का हिस्सा 40% से अधिक हो गया, जबकि औसत कीमतों से ऊपर प्रीमियम लागू रहा। इरान और वेनेजुएला से आयात पुनः शुरू होने से भारत की आपूर्ति श्रृंखला में विविधता आई है।

भारत ने मई 2026 में कुल 21.82 मिलियन टन कच्चे तेल का आयात किया, जो जनवरी के बाद सबसे अधिक है और अप्रैल की तुलना में 12% अधिक है। इस आयात में रूसी तेल की मात्रा 40.5% तक पहुँच गई, जबकि मूल्य में उसका योगदान 42.6% रहा – यह दोनों आँकड़े मध्य‑2024 के बाद से सबसे ऊँचे हैं।

रूसी तेल पर प्रीमियम और मूल्य‑वृद्धि

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस महीने प्रति बैरल $106 की औसत कीमत चुकाई, जो पिछले साल के $64 से 66% अधिक है। रूसी तेल की कीमत में प्रीमियम लगभग $46 प्रति टन था, क्योंकि कुल आयात मूल्य $870 प्रति टन से $916 प्रति टन तक बढ़ा। जबकि आयात मात्रा में 2% गिरावट देखी गई, लेकिन मूल्य‑वृद्धि के कारण भारत का कुल आयात बिल अप्रैल की तुलना में 23.5% और पिछले साल के मई से 66% बढ़ गया।

विविधीकरण का नया अध्याय

रूसी तेल पर निर्भरता के साथ-साथ भारत ने इरान और वेनेजुएला से भी तेल आयात फिर से शुरू किया। अप्रैल में वेनेजुएला से $605 मिलियन और मई में $984 मिलियन मूल्य का तेल आया, जबकि इरान से आयात अप्रैल में $430.5 मिलियन से घटकर मई में $277 मिलियन रह गया। इन देशों पर पहले प्रतिबंध थे, परन्तु पश्चिमी देशों द्वारा दी गई अस्थायी छूटों ने इस बदलाव को संभव बनाया।

विशेषज्ञों का दृष्टिकोण

सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक प्रोग्रेस (CSEP) की फेलो प्रerna प्रभाकर का मानना है कि रूस द्वारा लगाया गया प्रीमियम भारत‑चीन दोनों की इस ऊर्जा स्रोत पर निर्भरता और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण है। उन्होंने कहा, "भारतीय रिफाइनरीज़ ने रूसी ग्रेड के तेल के लिए अपनी सुविधाएँ अनुकूलित कर ली हैं, इसलिए वे उच्च कीमत को अपने मार्जिन के हिस्से के रूप में देख रहे हैं।"

भविष्य की संभावनाएँ

भले ही अगले कुछ महीनों में रूसी तेल का हिस्सा घटे, विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि वह भारतीय तेल बाजार में प्रमुख आपूर्तिकर्ता बना रहेगा। साथ ही, इरान और वेनेजुएला से आयात की पुनः शुरुआत दर्शाती है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बहु‑स्रोत रणनीति अपनाने में दृढ़ है। इस दिशा में नीति‑निर्माताओं को भू‑राजनीतिक जोखिमों और मूल्य‑स्थिरता दोनों को संतुलित करना होगा।