फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ मिली हार के बाद इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ियों वेन रूनी, गैरी नेविल और माइकल ओवेन ने कोच थॉमस ट्यूशेल पर तीखा हमला बोला है। दिग्गजों का मानना है कि ट्यूशेल की रक्षात्मक और निष्क्रिय रणनीति के कारण टीम को फाइनल में पहुंचने का मौका गंवाना पड़ा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- इंग्लैंड फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 2-1 से हारकर बाहर हो गया।
- दिग्गज खिलाड़ियों ने कोच थॉमस ट्यूशेल की रक्षात्मक और निष्क्रिय रणनीति की कड़ी आलोचना की।
- अर्जेंटीना का सामना अब फाइनल में स्पेन से होगा, जबकि इंग्लैंड तीसरे स्थान के लिए फ्रांस से भिड़ेगा।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना के हाथों मिली 2-1 की रोमांचक हार ने इंग्लैंड के 1966 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने के सपने को चकनाचूर कर दिया। मैच के 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन के शानदार गोल की बदौलत इंग्लैंड ने 1-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी, जिससे पूरे देश में ऐतिहासिक खिताबी मुकाबले की उम्मीदें जग गई थीं। हालांकि, इसके बाद कोच थॉमस ट्यूशेल द्वारा किए गए रक्षात्मक बदलाव टीम पर भारी पड़ गए और अर्जेंटीना ने जोरदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
वेन रूनी ने ट्यूशेल की रणनीति को बताया 'पैसिव'
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर वेन रूनी ने बीबीसी पर बात करते हुए ट्यूशेल के फैसलों की कड़ी आलोचना की। रूनी ने कहा, "पहला गोल करने के बाद हमने दूसरे गोल के लिए प्रयास ही नहीं किया। ट्यूशेल के रक्षात्मक फैसलों ने आज हमें मैच हरवा दिया। खेल बेहद निष्क्रिय (पैसिव) था।" उन्होंने पांच रक्षकों (फाइव एट द बैक) के साथ खेलने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बड़े कोच दबाव में पीछे हटने के बजाय फ्रंट-फुट पर खेलकर खेल की गति और लय को नियंत्रित करते हैं, लेकिन ट्यूशेल ऐसा करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
माइकल ओवेन और गैरी नेविल ने मानसिकता पर उठाए सवाल
दिग्गज खिलाड़ी माइकल ओवेन ने सोशल मीडिया पर स्पेन और फ्रांस के बीच हुए सेमीफाइनल का उदाहरण देते हुए इंग्लैंड की मानसिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि 1-0 की बढ़त के बाद तीन रक्षकों को मैदान पर उतारना टीम के डर को दर्शाता है। ओवेन के अनुसार, असली बहादुरी दबाव में भी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना है, न कि उसे केवल क्लियर करना। वहीं, गैरी नेविल ने 'द ओवरलैप' पर कहा कि बड़े टूर्नामेंटों के नॉकआउट मैचों में मजबूत स्थिति खो देना इंग्लैंड की पुरानी कमजोरी रही है, जो इस बार भी देखने को मिली।
ऐतिहासिक मुकाम पर अर्जेंटीना, इंग्लैंड का सफर समाप्त
इस हार के बाद अब इंग्लैंड तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में फ्रांस का सामना करेगा, जबकि अर्जेंटीना का मुकाबला खिताबी जंग में स्पेन से होगा। अर्जेंटीना के पास 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो बार विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का ऐतिहासिक मौका है। दूसरी ओर, इंग्लैंड के लिए यह हार थॉमस ट्यूशेल के भविष्य और टीम की दीर्घकालिक रणनीति पर बड़े सवाल खड़े करती है।