तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी ने खेल के शौकीनों को प्रेरित किया कि वे केवल शौक नहीं, बल्कि जुनून के साथ पेशेवर करियर बनाएं। उन्होंने राज्य की नई खेल नीति और राष्ट्रीय‑स्तरीय टूर्नामेंटों की पुनर्स्थापना का वादा दोहराया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- खेल के शौकीनों को पेशेवर करियर में बदलने की आवश्यकता पर ज़ोर
- तेलंगाना की नई खेल नीति और वित्तीय समर्थन का परिचय
- हैदराबाद को राष्ट्रीय‑स्तरीय खेल केंद्र बनाने की सरकार की योजना
हैदराबाद – 17 जुलाई, 2026 – तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी ने आज टॉफ़ी 20 लीग विजेता ‘हैदराबाद‑ई चैंपियंस’ टीम को सम्मानित करते हुए एक स्पष्ट संदेश दिया: खेल के शौकीनों को केवल शौक नहीं, बल्कि जुनून के साथ पेशेवर करियर बनाना चाहिए। यह बयान प्रमुख बैडमिंटन कोच पुल्लेला गोपीचंद और ईनादु ग्रुप के प्रबंध निदेशक च. किलान के साथ मिलकर टीम को चेक सौंपते समय दिया गया।
राज्य की नई खेल नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना सरकार ने हाल ही में एक विशिष्ट खेल नीति जारी की है, जिसके तहत युवा खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण सुविधाएँ और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए विशेष स्कीमें प्रदान की जाएँगी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य को एक खेल‑हब बनाना है, जिससे स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर उतारने की राह आसान हो।
हैदराबाद का खेल इतिहास और पुनरुत्थान
हैदराबाद ने पहले कई राष्ट्रीय‑स्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी की है, जैसे 1993 का विश्व कबड्डी कप और 2002 का एशिया खेल। फिर भी, पिछले दो दशकों में इस शहर की खेल गतिविधियों में गिरावट आई। मुख्यमंत्री रेवनथ रेड्डी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि इस शहरी विरासत को फिर से जाग्रत किया जाए, जिससे युवा वर्ग को प्रेरणा मिले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सके।”
जुनून और फोकस की आवश्यकता
रेड्डी ने यह भी कहा कि “बिना फोकस के कोई भी क्षेत्र में उत्कृष्टता नहीं मिल सकती, चाहे वह खेल हो या अन्य पेशा। इसलिए, हर युवा को चाहिए कि वह अपनी प्रतिभा को सही दिशा में लगाए और निरंतर मेहनत करे।” उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, पोषण और मनोवैज्ञानिक समर्थन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
आगे की राह
भविष्य में तेलंगाना सरकार कई नई पहलें करने की योजना बना रही है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम निर्माण, स्कूल‑स्तर पर खेल शिक्षा को अनिवार्य बनाना, और निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज शामिल हैं। इस व्यापक दृष्टिकोण से राज्य न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक खेल मंच पर भी अपनी पहचान बना सकता है।