तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कैबिनेट बैठक में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अपने सहयोगियों को चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के लक्ष्यों में बाधा डालने वाले किसी भी मंत्री या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सीएम विजय ने कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यक्रमों में सहयोग न करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
- मंत्रियों को सलाह दी गई कि वे विभागीय निरीक्षणों को 'तमाशा' न बनाएं।
- मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार केवल पांच साल के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक शासन के लिए प्रतिबद्ध है।
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 16 जुलाई, 2026 को आयोजित एक उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगियों और वरिष्ठ नौकरशाहों को स्पष्ट संदेश दिया कि भ्रष्टाचार और विभागीय अनियमितताओं के लिए उनके पास कोई जगह नहीं है।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई भी मंत्री या अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो वह कार्रवाई करने में किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट नहीं दिखाएंगे। उन्होंने मंत्रियों को आगाह करते हुए कहा, "यह न सोचें कि हम केवल पांच वर्षों के लिए सत्ता में हैं और आप जो चाहें कर सकते हैं। हम इस राज्य पर शासन करना जारी रखेंगे।" यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो मुख्यमंत्री की दीर्घकालिक राजनीतिक दृष्टि और प्रशासनिक अनुशासन को दर्शाता है।
निरीक्षणों का 'तमाशा' और प्रशासनिक नैतिकता
मुख्यमंत्री विजय ने केवल भ्रष्टाचार पर ही नहीं, बल्कि मंत्रियों के कार्य करने के तरीके पर भी टिप्पणी की। उन्होंने मंत्रियों को सलाह दी कि वे अपने विभागों से संबंधित निरीक्षणों (Inspections) को एक 'तमाशा' या दिखावा न बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों का प्राथमिक कर्तव्य जनता की सेवा करना है, न कि सरकार की छवि को धूमिल करना।
अधिकारियों को भी चेतावनी
मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख केवल निर्वाचित प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं है। उन्होंने उन अधिकारियों के प्रति भी सख्त रुख अपनाया है जो सरकारी योजनाओं और लक्ष्यों को लागू करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। विजय ने चेतावनी दी कि जो अधिकारी सरकार के एजेंडे में बाधा डालेंगे या सहयोग करने में अनिच्छुक होंगे, उनके खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम तमिलनाडु में नौकरशाही के भीतर अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।