बीआरएस नेता टी. हरीश राव ने तेलंगाना में गहराते बिजली संकट को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने कोयले की कमी और थर्मल पावर स्टेशनों की विफलता पर चिंता व्यक्त की है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- बीआरएस नेता टी. हरीश राव ने तेलंगाना में गंभीर बिजली संकट की चेतावनी दी है।
- थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले का स्टॉक केवल 6-7 दिनों के लिए बचा है।
- राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता का केवल 44% हिस्सा ही वर्तमान में उपयोग में है।
- कृषि और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अनिश्चित बिजली कटौती का मुद्दा उठाया गया है।
हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उप फ्लोर लीडर और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने गुरुवार को कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार की योजनाहीनता और दूरदर्शिता की कमी के कारण तेलंगाना एक गंभीर बिजली संकट की कगार पर खड़ा है। तेलंगाना भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, राव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो बीआरएस पूरे राज्य में आंदोलन छेड़ेगी।
कोयले का संकट और थर्मल प्लांट की स्थिति
हरीश राव ने खुलासा किया कि थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले का भंडार अत्यंत चिंताजनक स्तर पर है। उन्होंने बताया कि कोठागुडेम, काकातीया, भद्राद्रि और यादाद्रि थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले का स्टॉक केवल छह से सात दिनों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बीआरएस की उन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया जिसमें कोयले की कमी के बारे में आगाह किया गया था। वर्तमान में, कोयले की कमी के कारण यादाद्रि थर्मल पावर स्टेशन (YTPS) की यूनिट 1 और 4 में बिजली उत्पादन ठप है, जबकि भद्राद्रि थर्मल पावर स्टेशन (BTPS) रखरखाव संबंधी समस्याओं के कारण बंद है।
उत्पादन क्षमता और वित्तीय बोझ
आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए राव ने कहा कि राज्य की पीक डिमांड लगभग 15,000 मेगावाट है, लेकिन 7,180 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले थर्मल प्लांट वर्तमान में केवल 3,190 मेगावाट (लगभग 44%) बिजली ही पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब तेलंगाना की कुल स्थापित क्षमता लगभग 23,000 मेगावाट है, तो उत्पादन इतना कम क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिजली एक्सचेंज से ऊंचे दामों पर लगभग 8 करोड़ यूनिट बिजली खरीद रही है, जिससे उपभोक्ताओं और उद्योगों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
जल स्तर और भविष्य की चुनौतियां
बिजली के अलावा, राव ने राज्य में जल उपलब्धता पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जलाशयों का भंडारण कुल 1,059 TMC क्षमता के मुकाबले केवल 351 TMC है, जिससे जलविद्युत (hydel power) उत्पादन की संभावनाएं सीमित हो गई हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) से कोयले की आपूर्ति में अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया है।