तृणमूल कांग्रेस में बढ़ते इस्तीफों के बीच ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाते हुए नेताओं को 21 जुलाई से पहले स्पष्ट फैसला लेने को कहा है। राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर मचे घमासान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने शपथ लेने के मात्र 101 दिनों के भीतर इस्तीफा दिया।
- ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि जो नेता साथ नहीं रहना चाहते, वे 21 जुलाई से पहले निकल जाएं।
- टीएमसी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 13 से घटकर अब केवल 9 रह गई है।
- ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों द्वारा नेताओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर इस्तीफों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में, मशहूर बंगाली अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि कोयल मल्लिक ने महज 6 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली थी और मात्र 101 दिनों के भीतर उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है।
ममता बनर्जी का कड़ा रुख और 'शहीद दिवस' का महत्व
कोयल मल्लिक के इस्तीफे पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी के भीतर चल रही अस्थिरता पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने एक बेहद सख्त लहजे में पार्टी के अन्य नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, "जिन्हें पार्टी छोड़नी है, वे 21 जुलाई से पहले ही चले जाएं। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस एक नए संकल्प और नई रणनीति के साथ अपने पथ पर आगे बढ़ेगी।"
ममता बनर्जी ने यह चेतावनी आगामी 'शहीद दिवस' कार्यक्रम के मद्देनजर दी है। पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई का दिन टीएमसी के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह दिन 1993 में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कार्यकर्ताओं की याद में मनाया जाता है। ममता बनर्जी का मानना है कि 21 जुलाई के बाद पार्टी अपनी नई पहचान के साथ मजबूती से खड़ी होगी और जो लोग विचारधारा से भटक चुके हैं, उनके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं होगी।
विपक्ष पर दबाव बनाने का आरोप और गिरती संख्या
पार्टी के भीतर बढ़ते पलायन पर चिंता व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा टीएमसी नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि शहीद दिवस के कार्यक्रमों से जुड़े शहीदों के परिजनों तक को पुलिस के माध्यम से दूसरे खेमे में जाने के लिए धमकाया जा रहा है।
कोयल मल्लिक के जाने के बाद टीएमसी की राज्यसभा में स्थिति काफी कमजोर हुई है। पार्टी के राज्यसभा सांसदों की संख्या जो पहले 13 थी, अब घटकर मात्र 9 रह गई है। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक जैसे प्रमुख नेता भी इस्तीफा दे चुके हैं। यह लगातार हो रहे इस्तीफे टीएमसी के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं, विशेषकर आगामी चुनावों के दृष्टिकोण से।