आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की है। जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पेपर लीक और मूल्यांकन प्रणाली की विफलताओं पर केंद्र सरकार को घेरा।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा व्यवस्था में पेपर लीक और मूल्यांकन की खामियों पर केंद्र सरकार को घेरा।
- AAP ने मांग की है कि वैज्ञानिक और सुधारक सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए।
- केजरीवाल ने 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन की याद दिलाते हुए युवाओं की शक्ति का संकेत दिया।
- 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकालने का आह्वान किया गया है।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक महत्वपूर्ण सभा में, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर तीखा प्रहार किया। केजरीवाल ने देश की वर्तमान शिक्षा प्रणाली, विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और खामियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
केजरीवाल ने कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने हालिया NEET परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि पेपर लीक के कारण कई छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी, लेकिन सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 'अहंकार' में डूबी हुई है और यदि युवाओं की आवाज नहीं सुनी गई, तो 2029 के चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
सोनम वांगचुक: एक क्रांतिकारी विकल्प
इस विरोध प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण केजरीवाल की वह मांग रही, जिसमें उन्होंने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि उन्हें डर होगा कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव कर देंगे।"
सौरभ भारद्वाज का समर्थन और आगामी आंदोलन
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी इस मांग का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि केवल मंत्रियों को बदलने से व्यवस्था नहीं सुधरेगी, बल्कि सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक को जिम्मेदारी देना पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा। भारद्वाज ने वांगचुक की तुलना महात्मा गांधी से करते हुए कहा कि उनका सत्याग्रह और अहिंसक संघर्ष देश के लिए प्रेरणादायक है। इसके साथ ही, उन्होंने 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च में सभी विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों को शामिल होने का आह्वान किया है।