रायपुर स्थित एजेंसी ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के बड़े धन‑धोखाधड़ी मामले में टीवी होस्ट शेफाली बागा को क्वेश्चन किया। यह केस छत्तीसगढ़ के उच्च पदस्थ राजनेताओं और अधिकारियों को भी जोड़ता है, जिसमें कुल धनराशि लगभग 6,000 करोड़ रुपये बताई गई है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ED ने रायपुर में टेलीविज़न होस्ट शेफाली बागा से पूछताछ की।
  • महादेव ऐप केस में 6,000 करोड़ रुपये की धनराशि शामिल है।
  • संदिग्ध प्रमुखों को दुबई‑ओमान से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया चल रही है।

रायपुर के Enforcement Directorate (ED) ने इस सप्ताह शेफाली बागा, जो एक लोकप्रिय टेलीविजन होस्ट हैं, को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में पूछताछ के लिए बुलाया। यह क्वेश्चनिंग एजेंसी के मुख्य कार्यालय में हुई, जहाँ अधिकारियों ने बागा को एक ऐसे व्यक्ति के सहयोगी के रूप में बताया, जो देश में कई अवैध बेटिंग ऐप्स चलाता और उनका प्रचार करता है।

पृष्ठभूमि और केस की सीमा

महादेव ऐप केस में छत्तीसगढ़ के कई उच्च‑रैंक वाले राजनेता एवं नौकरशाह शामिल हैं, और यह बताया गया है कि इस साजिश से उत्पन्न अपराधी आय लगभग 6,000 करोड़ रुपये है। इस धनराशि को विभिन्न ठेकेदारों, “पैनल” और “ब्रांच” नेटवर्क के माध्यम से कई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर बेतरतीब ढंग से चुकाया गया था। प्रमुख अभियोजकों, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, ने इस अंतरराष्ट्रीय सिंगेट को दुबई से नियंत्रित किया, जबकि भारत के विभिन्न शहरों में उनके सहयोगियों ने इसे कार्यान्वित किया।

अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण के प्रयास

ED ने बताया कि सौरभ चंद्राकर को अब ओमान में बंदी बना माना जा रहा है, और उसकी प्रत्यर्पण के लिए कानूनी कार्रवाई जारी है। 2023 में दुबई में आयोजित 200 करोड़ रुपये की भव्य शादी के बाद, इस मामले की जाँच में कई नई कड़ी जुड़ी, क्योंकि कई बॉलीवुड हस्तियों ने भी उस समारोह में भाग लिया था। इस घटना ने इस साजिश को और अधिक राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाश में लाया।

पिछले गिरफ़्तारी और संपत्ति जप्ती

महादेव केस में अब तक 74 इकाइयों को आरोपी घोषित किया गया है, और 14 वें आरोपी विकास गर्ग (Ebix Group के चेयरमैन) की हाल ही में गिरफ्तारी हुई। एजेंसी ने गर्ग और उनके परिवार की कुल मिलाकर 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति जप्त की, जिसमें रियल एस्टेट, भूमि, शेयर और अन्य सिक्योरिटीज़ शामिल हैं। यह जप्ती मौजूदा मनी लॉन्ड्रिंग जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

भविष्य की संभावनाएँ

जैसे ही अदालतें और अंतरराष्ट्रीय एंटिट्रीज इस मामले की जटिलताओं को सुलझाते हैं, यह स्पष्ट हो रहा है कि ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफ़ॉर्म पर नियामक नियंत्रण को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। यदि सूरत में मौजूद प्रमुख नेटवर्क को तोड़ा नहीं गया, तो भविष्य में इसी तरह के बड़े‑पैमाने के धोखाधड़ी वाले मामलों की संभावना काफी बढ़ सकती है।