शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा है कि यदि सरकार विपक्ष के सुझावों को शामिल करती है, तो वे सीमा पुनर्निर्धारण (Delimitation) विधेयक पर पुनर्विचार कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • संजय राउत ने कहा कि विपक्ष संशोधन के साथ डिमिटेशन बिल पर विचार कर सकता है।
  • विपक्ष 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर सामूहिक निर्णय लेने पर जोर दे रहा है।
  • शिवसेना (UBT) अयोध्या राम मंदिर में कथित दान घोटाले के खिलाफ 'राम रक्षा आंदोलन' करेगी।
  • सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि सीटों में समान वृद्धि हो, तो विरोध का आधार कम हो जाएगा।

संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले भारतीय राजनीति में डिमिटेशन (सीमा पुनर्निर्धारण) विधेयक को लेकर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के सांसद और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संकेत दिया है कि विपक्ष इस महत्वपूर्ण विधेयक का पूरी तरह से विरोध नहीं करेगा, बशर्ते सरकार उनके द्वारा सुझाए गए संशोधनों को स्वीकार कर ले।

विपक्ष की रणनीति और सामूहिक निर्णय

संजय राउत ने स्पष्ट किया कि डिमिटेशन बिल पर विपक्ष का रुख सरकार की मंशा पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, "जब बिल आएगा, तो हम सब मिलकर बैठेंगे और सामूहिक निर्णय लेंगे कि क्या करना है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने भी एक संतुलित रुख अपनाया है। सुले के अनुसार, यदि लोकसभा सीटों में सभी राज्यों के लिए समान 50% की वृद्धि का प्रस्ताव है, तो विरोध का औचित्य कम हो जाएगा, हालांकि अंतिम निर्णय 'INDIA' गठबंधन की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।

राम मंदिर दान घोटाला और 'राम रक्षा आंदोलन'

डिमिटेशन के अलावा, राउत ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित रूप से 550 करोड़ रुपये के दान की चोरी और पिछले 12 वर्षों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये के गबन के गंभीर आरोप लगाए। इसी मुद्दे को लेकर शिवसेना (UBT) 18 जुलाई को नागपुर में 'राम रक्षा आंदोलन' आयोजित करने जा रही है। राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक 'राम भक्त' के रूप में आना चाहिए।

राजनीतिक खींचतान और गठबंधन की अफवाहें

संजय राउत ने सत्तारूढ़ महायुति द्वारा फैलाए जा रहे उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया जा रहा था कि एनसीपी (शरद पवार) टूट रही है या उनके सांसदों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये अफवाहें केवल मुख्य मुद्दों, जैसे राम मंदिर में हुए गबन, से ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जा रही हैं। राउत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज की भूमिका की भी जांच की मांग की है।