उत्तरी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरोधी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस गबन को राजनीति का साधन बना रहे हैं और इस मुद्दे पर बोलने का उनका कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने बताया कि विशेष जांच टीम ने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • राम मंदिर में दान के गबन से श्रद्धालु प्रभावित हुए
  • विशेष जांच टीम ने छह मुख्य आरोपी और दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया
  • योगी ने विपक्ष पर राजनीतिकरण और नैतिकता की कमी का आरोप लगाया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जुलाई, 2026 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राम मंदिर में दान की गबन ने सभी रामभक्तों के विश्वास को चोट पहुंचाई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और राज्य सरकार का इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

जांच की प्रगति और गिरफ्तारियां

स्थिति को स्पष्ट करने के लिए राज्य ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया, जिसके बाद रिपोर्ट आकर तुरंत कार्रवाई की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार, छह व्यक्तियों को गबन में मुख्य भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया, जबकि दो सहयोगियों को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के साथ-साथ दो सरकारी अधिकारियों ने नैतिक कारणों से इस्तीफा दे दिया, जिससे मामला और जटिल हो गया।

विरोधी दलों पर आरोप

योगी ने इस बात को भी उजागर किया कि समाजवादी पार्टी (एसपी) और कांग्रेस इस मुद्दे को आयोध्या और राम जन्मभूमि की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह वही राजनीति है जो कर्सेवाक़ों को गोली चलाने के आदेश देने वाले ही लोग अब हमारे धर्म के मुद्दे को गंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका इस मामले पर कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

पिछले सालों की तुलना में विकास

मुख्य मुद्दे के अलावा, योगी ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की नौकरियों की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले राज्य में रोजगार की कमी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की कमी और नौकरियों पर एक ही परिवार का नियंत्रण था। पिछले नौ वर्षों में, सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी पद पारदर्शी ढंग से प्रदान किए हैं, और 3.25 करोड़ युवा एवं कारीगरों को रोजगार या स्वरोजगार के अवसर मिले हैं।

भविष्य की दिशा

योगी ने कहा कि SIT की पूरी रिपोर्ट सामने आने का इंतजार किया जा रहा है और सत्य हमेशा विजयी होगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राम मंदिर की धनराशि का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।