थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर का दौरा कर भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा की। पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाले इस संकीर्ण गलियारे को सुरक्षित करने के लिए सरकार तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रणनीतिक रूप से संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा समीक्षा की।
- यह संकीर्ण 'चिकन नेक' गलियारा मुख्य भूमि भारत को आठ पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है।
- बुनियादी ढांचे के तहत 35 किलोमीटर लंबी भूमिगत रेलवे लाइन और राजमार्गों का विस्तार किया जा रहा है।
- जनरल सेठ ने सेना को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए 'VIJAY' (विजय) दृष्टिकोण साझा किया।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' भी कहा जाता है, का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। पूर्वी कमान के तहत बेंगडुबी सैन्य स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं का दौरा करते हुए, सेना प्रमुख ने इस भौगोलिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में भारत की परिचालन तत्परता का आकलन किया।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर नेपाल और बांग्लादेश के बीच स्थित भूमि की एक संकीर्ण पट्टी है, जो अपने सबसे संकीर्ण हिस्से में 20 किलोमीटर से भी कम चौड़ी है। भू-राजनीतिक दृष्टि से, यह गलियारा भारत की मुख्य भूमि को असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सहित आठ पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी मार्ग है। चीन की चुम्बी घाटी के करीब होने के कारण यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील है, और किसी भी संघर्ष की स्थिति में इस मार्ग की सुरक्षा भारत की संप्रभुता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस संकीर्ण गलियारे की संवेदनशीलता को देखते हुए, भारत सरकार यहां बुनियादी ढांचे को युद्ध स्तर पर मजबूत कर रही है। भारतीय रेलवे ने एक 35 किलोमीटर लंबी भूमिगत रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई है, ताकि युद्ध या किसी भी तोड़फोड़ की स्थिति में सैन्य आपूर्ति और रसद को सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रमुख हिस्सों को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दिया है ताकि सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से पूरा हो सके। साथ ही, बेहतर निगरानी के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 120 एकड़ से अधिक भूमि हस्तांतरित की गई है।
इस क्षेत्र की सुरक्षा को बागडोगरा हवाई अड्डे और हासिमारा वायु सेना स्टेशन से भी बड़ी ताकत मिलती है। हासिमारा में भारतीय वायुसेना का 101 स्क्वाड्रन तैनात है, जो देश के दो परिचालन राफेल लड़ाकू विमान स्क्वाड्रनों में से एक है। अपनी यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख ने नागालैंड स्थित 3 कोर (स्पीयर कमान) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने बदलती सुरक्षा परिस्थितियों और अंतर-एजेंसी समन्वय का जायजा लिया।
सेना को आधुनिक और भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए जनरल सेठ ने 'VIJAY' (विजय) का दृष्टिकोण साझा किया। यह शब्द सतर्कता (Vigilance), नवाचार (Innovation), संयुक्तता (Jointness), आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta) और योद्धा प्रथम (Yodha First) का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सिद्धांतों को अपनाने से भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए हमेशा चुस्त और तत्पर रहेगी।