तिरुनेलवेली नगर निगम ने वाणिज्यिक और औद्योगिक भवनों के लिए जल और सीवरेज कनेक्शन जमा राशि में भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले ने स्थानीय पार्षदों के बीच भारी विवाद खड़ा कर दिया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- वाणिज्यिक और औद्योगिक भवनों के लिए जमा राशि ₹15,000 से बढ़ाकर ₹80,000 कर दी गई है।
- नगर निगम ने हर साल जमा राशि और मासिक कर में 3% की वार्षिक वृद्धि का निर्णय लिया है।
- पानी के कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग करने पर भारी जुर्माना और वाणिज्यिक टैरिफ लागू होगा।
- पार्षदों ने इस निर्णय को मनमाना बताते हुए कमिश्नर को याचिका सौंपी है।
तिरुनेलवेली में नगर निगम प्रशासन ने बुनियादी सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में एक बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को आयोजित नगर निगम परिषद की बैठक में, पीने के पानी और भूमिगत जल निकासी (underground drainage) कनेक्शन के लिए जमा राशि में भारी वृद्धि करने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह निर्णय चुनाव के दौरान जनभावनाओं को देखते हुए टाला गया था, लेकिन अब इसे लागू करने का फैसला लिया गया है।
शुल्क संरचना में बदलाव और नए नियम
परिषद के नए प्रस्ताव के अनुसार, अब जमा राशि का निर्धारण भवनों के प्लिंथ एरिया (Plinth Area) के आधार पर किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव वाणिज्यिक भवनों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए देखा गया है, जहाँ जमा राशि को ₹15,000 से बढ़ाकर सीधे ₹80,000 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, निगम ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रतिवर्ष जमा राशि और मासिक कर में 3% की वार्षिक वृद्धि की जाएगी।
दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। यदि कोई नागरिक घरेलू पानी के कनेक्शन का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करता है, तो उस पर वाणिज्यिक टैरिफ लागू होगा। इसके अलावा, यदि पानी के कनेक्शन के लिए अनधिकृत मोटर का उपयोग पाया जाता है, तो मोटर को जब्त कर लिया जाएगा और कनेक्शन काट दिया जाएगा। उल्लंघनकर्ताओं को ₹10,000 का जुर्माना और अन्य दंडात्मक शुल्क भी देना होगा।
राजनीतिक घमासान और विरोध
इस फैसले के बाद परिषद की बैठक में भारी हंगामा देखने को मिला। वार्ड 50 के पार्षद के.एस. रसूुल मैदीन के नेतृत्व में 25 पार्षदों ने कमिश्नर मोनिका राणा को एक याचिका सौंपी, जिसमें इस निर्णय को 'मनमाना' बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई है। वहीं, बैठक के दौरान AIADMK पार्षदों और मेयर जी. रामकृष्णन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।