तिरुचि नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने अनियमित जलापूर्ति, खराब स्ट्रीटलाइट्स और स्वच्छता कर्मियों की कमी को लेकर कड़ा विरोध जताया। मेयर ने मानसून पूर्व तैयारियों और नए जल आपूर्ति प्रोजेक्ट्स का आश्वासन दिया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अनियमित जलापूर्ति और बिजली कटौती से नागरिकों को हो रही भारी परेशानी।
- खराब स्ट्रीटलाइट्स और बिजली कर्मियों की कमी से सुरक्षा पर संकट।
- स्वच्छता कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कचरा प्रबंधन की समस्या।
- अगस्त तक पंजपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के चालू होने की उम्मीद।
तिरुचि में आयोजित हालिया नगर निगम परिषद की बैठक में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की बदहाली को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। मेयर एम. अन्बाछगन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्षदों ने शहर की ज्वलंत समस्याओं—विशेष रूप से अनियमित पेयजल आपूर्ति और मद्धम स्ट्रीटलाइट्स—पर अपना रोष व्यक्त किया।
पेयजल संकट और बिजली की समस्या
बैठक के दौरान वार्ड 55 के पार्षद वी. रामादॉस ने जया नगर क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने तर्क दिया कि बार-बार होने वाली बिजली कटौती और ओवरहेड टैंक भरने के लिए अपर्याप्त समय के कारण निवासियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मेयर ने जवाब देते हुए कहा कि शहर में पानी की उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन पाइपलाइन फटने और बिजली की समस्या के कारण वितरण बाधित हो रहा है। हालांकि, उन्होंने राहत देते हुए घोषणा की कि जया नगर, स्टार नगर और करुमंडपम में जुलाई तक 24x7 जल आपूर्ति योजना लागू कर दी जाएगी।
अंधेरी सड़कें और सुरक्षा का मुद्दा
शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पार्षदों ने आवासीय क्षेत्रों जैसे खजमलई, पोनमलई और संजीव नगर में लगी 20-वाट की मद्धम LED स्ट्रीटलाइट्स की शिकायत की। वार्ड 61 के पार्षद जेफर अली ने बताया कि मानसून के दौरान दर्जनों लाइटें खराब हो गई हैं, लेकिन बिजली कर्मियों (इलेक्ट्रीशियन) की कमी के कारण उन्हें बदला नहीं जा रहा है।
स्वच्छता और बुनियादी ढांचे का अभाव
नगर निगम के प्रबंधन पर हमला बोलते हुए पार्षदों ने स्वच्छता कर्मियों की भारी कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया। वार्ड 65 में कर्मचारियों की संख्या 40 से घटकर मात्र 23 रह गई है, जबकि वार्ड 43 में भी स्थिति चिंताजनक है। इसके अलावा, सार्वजनिक शौचालयों की जर्जर अवस्था और कचरा संग्रहण वाहनों की अनियमितता ने बैठक में गरमागरम बहस छेड़ दी। निगम आयुक्त वीर प्रताप सिंह की उपस्थिति में मेयर ने मानसून से पहले नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत का आश्वासन दिया है।