प्रस्तावित कर्नाटक अपार्टमेंट बिल 2026 बिल्डरों और निवासियों के बीच विवादों को समाप्त करने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करता है। यह बिल कॉमन एरिया और भूमि पर निवासियों के अधिकारों को मजबूती प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- प्रस्तावित बिल के तहत फ्लैट मालिकों को भूमि और साझा क्षेत्रों (Common Areas) में अविभाजित स्वामित्व अधिकार मिलेगा।
- बिल्डर अब क्लब हाउस और स्विमिंग पूल जैसे सुविधाओं को निजी संपत्ति के रूप में नहीं रख सकेंगे।
- पार्किंग के विवादों को सुलझाने के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, जिससे खुले और बेसमेंट पार्किंग को निजी संपत्ति के रूप में बेचना मुश्किल होगा।
- RERA कानून और इस नए बिल के बीच तकनीकी टकराव की संभावना जताई जा रही है।
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने हाउसिंग सेक्टर में लंबे समय से चले आ रहे बिल्डर-निवासी विवादों को सुलझाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रस्तावित 'कर्नाटक अपार्टमेंट (स्वामित्व और प्रबंधन) विधेयक, 2026' का उद्देश्य साझा स्थानों (Common Spaces) के स्वामित्व और उपयोग को लेकर होने वाले कानूनी संघर्षों को समाप्त करना है। यह विधेयक एक ऐसा व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करने का प्रयास करता है जो स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है कि साझा क्षेत्र क्या हैं, उनका मालिक कौन है और उनका प्रबंधन कैसे किया जाना चाहिए।
साझा क्षेत्रों का विस्तार और स्पष्ट परिभाषा
नए विधेयक के तहत 'कॉमन एरिया' की परिभाषा को काफी व्यापक बना दिया गया है। अब इसमें केवल सीढ़ियां, लिफ्ट और गलियारे ही नहीं, बल्कि सुरक्षा गार्डों के क्वार्टर, जल निकासी प्रणाली, स्वच्छता और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) प्रतिष्ठान भी शामिल होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि कोई क्लब हाउस या स्विमिंग पूल प्रोजेक्ट के Floor Area Ratio (FAR) का उपयोग करता है, तो वह स्वतः ही साझा क्षेत्र का हिस्सा बन जाएगा। बिल्डर केवल तभी इन सुविधाओं पर अपना अधिकार रख सकते हैं यदि वे प्रोजेक्ट की मुख्य भूमि से अलग किसी अन्य भूमि पर बने हों और बिक्री से पहले ग्राहकों को इसकी जानकारी दी गई हो।
स्वामित्व का नया मॉडल और चुनौतियां
विधेयक के अनुसार, प्रत्येक फ्लैट मालिक का भूमि और साझा सुविधाओं में एक अविभाजित (Undivided) स्वामित्व अधिकार होगा। यह अधिकार फ्लैट के साथ ही जुड़ा रहेगा और फ्लैट के हस्तांतरण, विरासत या बिक्री के साथ स्वतः ही स्थानांतरित हो जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है। कर्नाटक होम बायर्स फोरम के संयोजक धनंजय पद्मनाभाचार के अनुसार, यह प्रावधान RERA अधिनियम, 2016 के साथ सीधे टकराव में हो सकता है। RERA के तहत स्वामित्व 'आवंटी संघ' (Association of Allottees) को हस्तांतरित किया जाना चाहिए, जबकि यह बिल व्यक्तिगत मालिकों को अधिकार दे रहा है, जिससे सरकारी भूमि रिकॉर्ड में हजारों नामों को दर्ज करना व्यावहारिक रूप से असंभव हो सकता है।
पार्किंग और प्रबंधन पर स्पष्टता
पार्किंग के मुद्दे पर भी विधेयक ने सख्त रुख अपनाया है। ओपन, स्टिल्ट, बेसमेंट और पोडियम पार्किंग को साझा क्षेत्र माना जाएगा और इन्हें स्वतंत्र संपत्ति के रूप में नहीं बेचा जा सकेगा। केवल वे पार्किंग इकाइयां निजी मानी जाएंगी जो अलग से अनुमोदित हों और जिनका पंजीकरण दस्तावेजों के माध्यम से किया गया हो। हालांकि, अपार्टमेंट एसोसिएशन के सदस्यों का मानना है कि पार्किंग के विशिष्ट उपयोग को लेकर अभी भी और अधिक स्पष्टता की आवश्यकता है ताकि भविष्य में दुरुपयोग को रोका जा सके।