कानपुर में एक 28 वर्षीय महिला ने गंभीर बीमारी के कारण आत्महत्या कर ली, लेकिन जाते-जाते एक भावुक नोट छोड़ा जिसमें उसने किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपने ससुराल वालों के प्यार के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 28 वर्षीय निक्की (वैष्णवी) ने रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से जूझते हुए आत्महत्या की।
  • सुसाइड नोट में उसने अपने पति और ससुराल वालों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
  • महिला दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के लिखित चरण को पास कर चुकी थी।
  • पुलिस के अनुसार, बीमारी के कारण भविष्य को लेकर चिंता ही इस कदम का कारण बनी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ 28 वर्षीय एक महिला ने अपनी लंबी बीमारी से हार मानकर जीवनलीला समाप्त करने का निर्णय लिया। मृतका की पहचान निक्की उर्फ वैष्णवी के रूप में हुई है, जिन्होंने एक भावुक सुसाइड नोट के माध्यम से दुनिया को अलविदा कहा। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निक्की ने अपने सुसाइड नोट में किसी भी व्यक्ति या परिवार पर दोष मढ़ने के बजाय, अपने ससुराल वालों के अटूट समर्थन और प्रेम के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

बीमारी और भविष्य की चिंता का संघर्ष

मिली जानकारी के अनुसार, निक्की पिछले काफी समय से रीढ़ की हड्डी (Spinal Disorder) से जुड़ी एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। उसका इलाज कानपुर और दिल्ली के बड़े अस्पतालों में चल रहा था। निक्की न केवल एक संघर्षशील महिला थी, बल्कि वह अत्यंत महत्वाकांक्षी भी थी। उसने हाल ही में दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा के लिखित चरण को सफलतापूर्वक पास किया था और अगले दौर की तैयारी कर रही थी। हालांकि, परिजनों और पुलिस का मानना है कि अपनी बिगड़ती शारीरिक स्थिति और भविष्य में करियर को लेकर बढ़ती असुरक्षा ने उसे गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया था।

एक भावुक विदाई और अंतिम इच्छाएं

निक्की का सुसाइड नोट पढ़ने वालों की आँखों में आँसू ला देता है। उसने लिखा, "यदि आपको ऐसे ससुराल वाले मिलते हैं, तो आप वास्तव में भाग्यशाली हैं। सभी ने मेरा बहुत ख्याल रखा। कृपया दुखी न हों, मैं यह कदम बेबसी में उठा रही हूँ।" इतना ही नहीं, उसने अपनी अंतिम इच्छाओं का भी विवरण दिया। उसने अपना स्कूटर और गहने अपने देवर की होने वाली दुल्हन को देने का अनुरोध किया, साथ ही अपना मोबाइल फोन अपनी सास को देने की इच्छा जताई।

पुलिस जांच और पारिवारिक स्थिति

रवतपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) दिलीप सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट से स्पष्ट है कि महिला अपनी चिकित्सीय स्थिति से अत्यंत परेशान थी। प्राथमिक जांच में किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के प्रमाण नहीं मिले हैं। निक्की अपने पीछे एक पति, शिवम शुक्ला (जो मध्य प्रदेश में रेलवे में कार्यरत हैं), और एक छोटे बेटे को छोड़ गई है। यह घटना समाज में गंभीर बीमारियों के दौरान मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता पर एक गहरा सवाल खड़ा करती है।