हैदराबाद में 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और यौन शोषण के मामले में पुलिस की लापरवाही के आरोप लगाते हुए MBT ने SIT जांच की मांग की है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का 40 दिनों तक अपहरण और शोषण किया गया।
  • MBT ने फलकनुमा और मेहदीपटनम पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
  • पार्टी ने मामले की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) को सौंपने की मांग की है।
  • आरोप है कि संदिग्धों को पुलिस ने ढीले तरीके से पूछताछ के बाद छोड़ दिया था।

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसमें एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके बाद हुए कथित यौन शोषण ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) ने इस मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद को एक औपचारिक प्रतिनिधित्व सौंपा है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप

MBT के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने आरोप लगाया है कि फलकनुमा और मेहदीपटनम पुलिस ने इस मामले को संभालने में भारी चूक की है। रिपोर्ट के अनुसार, लड़की का अपहरण 1 जून को किया गया था और उसे विभिन्न स्थानों पर लगभग 40 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ उसका यौन शोषण किया गया। अंततः, 7 जुलाई को राजेंद्रनगर टास्क फोर्स ने उसे सुरक्षित बचा लिया।

जांच में लापरवाही का दावा

पार्टी का दावा है कि पुलिस को लड़की के लापता होने के बाद परिवार के संदेहों के बारे में 15 दिन पहले ही सूचित कर दिया गया था। परिवार ने जुनैद नामक व्यक्ति पर संदेह जताया था। MBT के अनुसार, पुलिस ने जुनैद और 'टिलू' नामक एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में तो लिया, लेकिन पूछताछ बहुत ही सतही तरीके से की गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, जिससे वे फरार होने में सफल रहे।

SIT जांच की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए, MBT ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच एक विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी जाए, जिसका नेतृत्व डिटेक्टिव विभाग का एक वरिष्ठ अधिकारी करे। साथ ही, पार्टी ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है जिनकी लापरवाही के कारण एक मासूम को इतनी लंबी अवधि तक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।