चेन्नई के व्यस्त न्यू पेरुंगलथुर जंक्शन पर ट्रैफिक नियंत्रण पोल हटाए जाने के बाद से भारी अव्यवस्था फैल गई है। सुरक्षा बैरियर न होने के कारण वाहन चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे पैदल यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- न्यू पेरुंगलथुर जंक्शन पर ट्रैफिक पोल हटाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
- वाहन चालकों द्वारा अवैध यू-टर्न लेने और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से पैदल यात्रियों का सड़क पार करना दूभर हो गया है।
- स्थानीय लोगों ने व्यस्त जीएसटी रोड पर हादसों को रोकने के लिए समर्पित ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस की सक्रियता की मांग की है।
चेन्नई के दक्षिणी प्रवेश द्वार माने जाने वाले ग्रैंड सदर्न ट्रंक (GST) रोड पर स्थित न्यू पेरुंगलथुर जंक्शन इन दिनों भारी अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम का केंद्र बन गया है। हाल ही में ट्रैफिक पुलिस द्वारा गांधी रोड और कामराजार सलाई से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने वाले लोहे के पोल (बैरिकेड्स) को हटा दिया गया था। इस कदम का उद्देश्य गांधी रोड से पीरकनकरनई की ओर जाने वाले वाहनों को सीधे दाएं मुड़ने की अनुमति देना था, लेकिन यह योजना पूरी तरह विफल साबित हुई है और इससे जंक्शन पर अराजकता फैल गई है।
पैदल यात्रियों के लिए बना जान का खतरा
सुरक्षा बैरियर हटने के बाद से पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना एक दुःस्वप्न बन गया है। ओटेरी और इरुम्बुलियुर से आने वाले वाहन चालक इस स्थिति का फायदा उठाकर अवैध रूप से यू-टर्न ले रहे हैं, जिससे गांधी रोड और कामराजार सलाई के मुहाने पर वाहनों का भारी जमावड़ा लग जाता है। जेब्रा क्रॉसिंग पर भी वाहनों का अवैध कब्जा रहता है, जिसके कारण बुजुर्गों और बच्चों सहित आम राहगीरों को अपनी जान जोखिम में डालकर तेज रफ्तार वाहनों के बीच से दौड़कर सड़क पार करनी पड़ रही है।
प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों में प्रशासन की इस घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। नागरिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीरकनकरनई की ओर सीधे दाएं मुड़ने की व्यवस्था तो ठीक है, लेकिन इसके लिए एक समर्पित ट्रैफिक सिग्नल लगाया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में, जंक्शन पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते। लोगों का सुझाव है कि ओटेरी और पीरकनकरनई के वाहन चालकों को ओल्ड जीएसटी रोड और जीएसटी रोड को जोड़ने वाले अंडरपास का उपयोग करने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए, या फिर उन्हें वंडालूर जंक्शन से मोड़ा जाए।
भारी वाहनों का बढ़ता कहर
इस समस्या को और अधिक गंभीर बना रहे हैं ओटेरी से आने वाले भारी वाहन। ट्रक और बस चालक इस संकीर्ण और व्यस्त जंक्शन पर अचानक यू-टर्न ले लेते हैं, जिससे पूरा यातायात ठप हो जाता है। इसके अलावा, गांधी रोड से आने वाले भारी वाहन बिना गति धीमी किए 'फ्री लेफ्ट टर्न' लेते हैं, जो सड़क पार करने की कोशिश कर रहे पैदल यात्रियों के लिए सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहा है। रफ ड्राइविंग और बिना सिग्नल दिए मुड़ना यहां आम बात हो गई है।
त्वरित और ठोस समाधान की आवश्यकता
चेन्नई के सबसे महत्वपूर्ण पारगमन बिंदुओं में से एक होने के नाते, न्यू पेरुंगलथुर जंक्शन को इस तरह के प्रशासनिक उपेक्षा के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। राज्य के राजमार्ग विभाग और चेन्नई ट्रैफिक पुलिस को तुरंत समन्वय स्थापित कर यहां भौतिक डिवाइडर फिर से लगाने चाहिए, सक्रिय पुलिस बल तैनात करना चाहिए और एक सुव्यवस्थित सिग्नल प्रणाली लागू करनी चाहिए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को समय रहते टाला जा सके।