तमिलनाडु में 2027 जनगणना का पहला चरण 17 जुलाई 2026 से शुरू होगा, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करेंगे। यह डिजिटल पहल 31 जुलाई तक जारी रहेगी, इसके बाद 1‑30 अगस्त को घर सूचीकरण एवं आवासीय जनगणना होगी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • आत्म‑गणना 17 जुलाई से 31 जुलाई तक तमिलनाडु में शुरू होगी।
  • पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध होगा और मोबाइल ऐप से डेटा सीधे सर्वर पर भेजा जाएगा।
  • घर सूचीकरण और आवासीय जनगणना 1‑30 अगस्त को आयोजित होगी।

तमिलनाडु में 2027 जनगणना का पहला चरण, अर्थात् आत्म‑गणना प्रक्रिया, 17 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को आधिकारिक तौर पर शुरू हुई। तमिलनाडु जनगणना संचालन निदेशालय के प्रमुख मुख्य जनगणना अधिकारी एम. सुंदरेश बाबु ने चेन्नई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कदम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस चरण में नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपने घर की जानकारी दर्ज करेंगे, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगा।

डिजिटल संक्रमण और भाषा समावेश

जनगणना पोर्टल 16 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भाषा बाधा को कम किया जा सके। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य डेटा संग्रह को तेज़, सटीक और सुरक्षित बनाना है। सभी जमा किए गए डेटा को एन्क्रिप्टेड सर्वर पर सीधे भेजा जाएगा, जिससे मध्यस्थ त्रुटियों की संभावना घटेगी।

फ़ील्ड कार्य की विस्तृत योजना

आत्म‑गणना समाप्त होने के बाद, 1 अगस्त से 30 अगस्त के बीच घर सूचीकरण और आवासीय जनगणना का फ़ील्ड कार्य शुरू होगा। प्रत्येक जनगणना अधिकारी को लगभग 200‑250 घरों का सर्वेक्षण करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पारंपरिक कागजी सर्वेक्षण की तुलना में अधिक दक्षता प्रदान करेगा, क्योंकि एन्कोडेड मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा तुरंत मुख्य सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।

इतिहासिक संदर्भ और भविष्य की संभावनाएँ

भारत में पहले चार जनगणनाओं में कागजी फॉर्म का उपयोग किया गया था, जिससे समय एवं लागत दोनों में बड़ी चुनौतियाँ सामने आईं। 2027 की इस जनगणना को डिजिटल स्वरूप में बदलना न केवल प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि भविष्य में नीति‑निर्माताओं को वास्तविक‑समय डेटा प्रदान करने की क्षमता भी देता है। यह कदम तमिलनाडु को भारत की डिजिटल प्रशासनिक रणनीति में अग्रणी बनाता है, जिससे अन्य राज्य भी समान मॉडल अपनाने की दिशा में प्रेरित हो सकते हैं।

नागरिकों के लिए निर्देश

जनगणना अधिकारी आने पर, जिन्होंने आत्म‑गणना पूरी कर ली है, वे अपना विशेष आत्म‑गणना आईडी प्रदान करेंगे, जिससे डेटा की दोबारा प्रविष्टि से बचा जा सके। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों का पालन करें और आवश्यक दस्तावेज़ों को तैयार रखें, ताकि प्रक्रिया सुगम रहे।