अल्लूरी सीताराम राजू जिले की कलेक्टर टी. निशांती ने आराकू घाटी में कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों और भूमि की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 1/70 अधिनियम के कड़ाई से कार्यान्वयन और अफवाहों से बचने की अपील की।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासियों को विशेष सुरक्षा प्रदान की जाएगी।>
- आदिवासी भूमि के अवैध हस्तांतरण को रोकने के लिए 1/70 अधिनियम का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।>
- स्थानीय आदिवासी उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि पर सरकार का ध्यान केंद्रित है।>
अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले की कलेक्टर टी. निशांती ने गुरुवार को आराकू घाटी में एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाली जनजातीय समुदायों के कल्याण, भूमि अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से समर्पित है। यह बयान ट्राइफेड (TRIFED) ट्राइबल आर्टिजन एम्पैनलमेंट मेला के दौरान आया, जहां उन्होंने आदिवासी कारीगरों के साथ बातचीत की।
संवैधानिक सुरक्षा और कानूनी ढांचा
कलेक्टर ने अपने संबोधन में संविधान की पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के महत्व पर प्रकाश डाला, जो अनुसूचित जनजातियों के लिए विशेष सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार न केवल कल्याणकारी उपायों को लागू कर रही है, बल्कि उनके विकास और अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनों को भी सख्ती से लागू कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंध्र प्रदेश अनुसूचित क्षेत्र भूमि हस्तांतरण विनियमन, 1970 (1/70 अधिनियम), गैर-आदिवासियों को जनजातीय भूमि के अवैध हस्तांतरण को रोकने के लिए एक प्रमुख कानूनी हथियार बना हुआ है और इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
रोजगार और शिक्षा में अवसर
श्रीमती निशांती ने जीओएमएस नंबर 3 (G.O.Ms. No. 3) का भी जिक्र किया, जो अनुसूचित क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों में स्थानीय अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को रोजगार प्रदान करने के लिए जारी किया गया था। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो स्थानीय आबादी को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि न्यायिक फैसलों ने इसके कार्यान्वयन को प्रभावित किया है, लेकिन सरकार की आदिवासी हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई है।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
अंत में, कलेक्टर ने आदिवासी समुदाय से अफवाहों या गलत सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी जानकारी के लिए सरकारी अधिकारियों से संपर्क किया जाए और गलत जानकारी के आधार पर विरोध प्रदर्शन न किया जाए। उन्होंने क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया।