कलाबुर्गी में पुलिस ने विभिन्न चोरी‑के‑मौके पर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और कुल मूल्य 15 लाख रुपये से अधिक का सोना, नकद, मवेशी और वाहन बरामद किया। यह कार्रवाई इंटर‑स्टेट गैंगों और स्थानीय चोरों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कलाबुर्गी में 12 अपराधियों की गिरफ्तारी
- चोरी के सामान की कुल कीमत 15 लाख रुपये से अधिक
- इंटर‑स्टेट गैंगों और स्थानीय चोरों के खिलाफ कार्रवाई
कर्नाटक के कलाबुर्गी जिले में पुलिस ने एक व्यापक ऑपरेशन के तहत 12 आरोपियों को विभिन्न चोरी‑के‑मौके से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में अंतर‑राज्यीय गैंग के सदस्य, घर में घुसपैठ करने वाले चोर, तथा मवेशी चोरी में संलिप्त गिरोह के सदस्य शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई का विस्तृत विवरण
अध्यक्ष पुलिस अधिकारी अड्डुरु श्रीनिवासुलु ने बताया कि अलंद डिप्टी सुपरिंटेंडेंट थम्मराया पाटिल की देखरेख में विशेष जांच टीमों ने इन सभी मामलों में सफलता हासिल की। पहला मामला निंबर्गा थाने में दर्ज किया गया, जहाँ सोलापुर (महाराष्ट्र) के दो आरोपी सिद्धप्पा सुप्रय्य केले और गोविंद सुराचंद भोसले को घर में घुसपैठ करने के आरोप में 10 ग्राम सोने के आभूषण और ₹30,000 नकद बरामद हुए।
मवेशी चोरी के मामले
दूसरे मामले में, कलाबुर्गी के एमएसके मिल स्थानीय असिफ़ कुरैशी और तौफ़िक को मवेशी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनसे ₹1.40 लाख नकद और ₹4.50 लाख मूल्य का एक वाहन जब्त किया, जिसका उपयोग चोरी किए गए मवेशियों को परिवहन करने के लिए किया गया था। इस ही जिले में अफ़ज़ालपुर तालुके में पाँच अन्य आरोपियों को खेतों से खिलाड़ी बैलों, ऑक्सेन और जर्सी गायों की चोरी के लिए गिरफ्तार किया गया। चार खिल्लारी बैल और एक जर्सी गाय बरामद हुए, साथ ही कुल ₹8.15 लाख की आय की संभावना वाले नकद भी जब्त किया गया।
स्वर्ण श्रृंखला चोरी के मामले
तीसरे मामले में, सोलापुर (महाराष्ट्र) के विजापुर नाका निवासी भगतसिंह सलुंके, बादल सलुंके और अभिमान अर्जुन डांगे को अफ़ज़ालपुर में स्थित श्री दत्तात्रेय मंदिर में श्रद्धालु महिलाओं से स्वर्ण श्रृंखलाएँ चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने भक्तों के रूप में भेस बदल कर महिलाओं को निशाना बनाया, और 40 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए।
भविष्य की सुरक्षा उपाय
अध्यक्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिले में संपत्ति‑संबंधी अपराधों को रोकने के लिए गश्त और निगरानी को तेज़ किया जाएगा। उन्होंने इस सफल ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिसकर्मियों और जांचकर्ताओं की प्रशंसा की। अतिरिक्त अधीक्षक महेश मेघननवर ने भी इस बैठक में भाग लेकर समर्थन जताया।