संयुक्त राज्य अमेरिका ने इरान पर नई हवाई हमले तेज़ किए, जबकि इरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइल व ड्रोन दागे। मध्य‑पूर्व में होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक तेल कीमतें नई अस्थिरता की दहलीज पर पहुंच गई हैं।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- इरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन दागे
- अमेरिकी वायु हमले होर्मुज़ में इरान के बुनियादी ढाँचे को लक्ष्य बनाते रहे
- मध्य‑पूर्व में शिपिंग और तेल की कीमतों पर बढ़ता असर
संयुक्त राज्य अमेरिका और इरान के बीच तनाव इस महीने के अंत में फिर से भड़क गया, जब अमेरिकी विमानों ने होर्मुज़ प्रांत के कई पुलों को निशाना बनाया और इरान ने प्रतिवाद में बहरीन व कुवैत के क्षेत्रों को लक्षित किया। यह नया चरण आधे साल पहले स्थापित अस्थायी वार‑समेट को तोड़ता हुआ दिखाता है, जिससे जलडमरूमध्य की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दोनों पर असर पड़ रहा है।
US‑इरान तनाव की पृष्ठभूमि
फ़रवरी 2024 में अमेरिका‑इज़राइल गठबंधन ने इरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद इरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को बंद कर दिया। उस कदम ने तेल की कीमतों में अचानक उछाल लाया और इरान को कूटनीतिक बातचीत में एक मजबूत शर्त दी। तब से दोनों पक्षों ने कई बार सीमित हवाई हमलों और प्रतिवाद के रूप में ड्रोन प्रक्षेपण देखे हैं, पर अब संघर्ष का दायरा व्यापक हो गया है।
अस्थायी वार‑समेट का टूटना
पिछले महीने दोनों देशों ने एक अंतरिम वार‑समेट पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका उद्देश्य समुद्री मार्गों को खुला रखना और नागरिक हताहतों को कम करना था। लेकिन इस समझौते की निरंतरता नहीं रही; अमेरिकी बलों ने फिर से इरान के उत्तरी क्षेत्रों में लक्षित हमले किए, जबकि इरान ने बहरीन व कुवैत पर बमबारी की, जिससे दोनों देशों के बीच प्रतिशोधी कार्रवाई की लहर चल पड़ी।
नया मोर्चा: बहरीन और कुवैत
इंटरनेट पर प्रकाशित इरानी रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम तीन लोग अमेरिकी हवाई हमलों में मारे गए, जबकि इरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइल व ड्रोन दागे, जिससे कई नागरिकों को चोटें आईं। इरान के सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका इरान के बुनियादी ढाँचे को लगातार निशाना बनाता रहा तो क्षेत्र के सभी अवसंरचनाओं पर व्यापक हमला किया जाएगा। यह बयान इरान की रणनीति को स्पष्ट करता है: होर्मुज़ जलडमरूमध्य को एक “अपराजेय लाल रेखा” बनाकर अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकना।
वैश्विक शिपिंग और तेल बाजार पर असर
लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के डेटा के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरने वाले माल की मात्रा में लगभग 25 % की गिरावट आई। कई तेल कंपनियों ने अपने जहाज़ों के ट्रैकिंग डिवाइस बंद कर दिए हैं, जबकि कुछ ने मार्ग बदल कर वैकल्पिक समुद्री रास्तों का उपयोग शुरू किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जारी रहा तो तेल की कीमतों में फिर से दोहरी अंक वृद्धि देखी जा सकती है।
आगे क्या हो सकता है?
अमेरिकी केंद्रीय कमांड ने बताया कि उसने तीन वाणिज्यिक जहाज़ों को इरानी नौकाबंदी से बचाने के लिए बाध्य किया, जबकि एक क्यूरेशियो‑ध्वज वाले तेल टैंकर को नष्ट कर दिया। इस कदम से यह स्पष्ट है कि यू.एस. अपना “स्टील वॉल” ब्लॉकेड बनाए रखने के लिए तैयार है, पर विशेषज्ञों के अनुसार इतना बड़ा समुद्री अभ्यारण्य बनाए रखने के लिए हजारों सैनिकों की आवश्यकता होगी। यदि दोनों पक्ष आगे वार‑समेट नहीं कर पाते, तो मध्य‑पूर्व में व्यापक सैन्य टकराव की संभावना बढ़ सकती है।