अमेरिका ने ईरान के पावर स्टेशनों, पुलों और संचार टावरों पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने कतर और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे (पुल, एयरपोर्ट, बिजली संयंत्र) को निशाना बनाया।
  • ईरान ने कतर, बहरीन और कुवैत के अमेरिकी सहयोगी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागकर जवाबी हमला किया।
  • होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गहरा संकट मंडरा रहा है।
  • ईरान ने हूती विद्रोहियों को रेड सी में तेल मार्ग बाधित करने के लिए तैयार रहने को कहा है।

पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार तड़के ईरान के दक्षिणी हिस्सों में एक व्यापक और सुनियोजित हवाई हमला किया। इस बार अमेरिका का निशाना केवल सैन्य ठिकाने नहीं रहे, बल्कि ईरान के रणनीतिक और नागरिक बुनियादी ढांचे को भी पूरी तरह ध्वस्त करने की कोशिश की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, लड़ाकू विमानों, उन्नत ड्रोनों और युद्धपोतों के माध्यम से होर्मोजगान, अहवाज और किश द्वीप जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर सटीक मिसाइल हमले किए गए।

रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने ईरान के संचार नेटवर्क, बिजली आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। बंदर अब्बास के पास स्थित महत्वपूर्ण पुलों पर मिसाइल हमले किए गए, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, सेमनान प्रांत, जो ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम का केंद्र है, उसे भी निशाना बनाया गया है। हवाई अड्डों और रेलवे नेटवर्क पर हमलों के कारण ईरान के भीतर लॉजिस्टिक क्षमता लगभग ठप होने की कगार पर है।

ईरान का पलटवार और क्षेत्रीय अस्थिरता

ईरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए अपने मिसाइल सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने कतर, बहरीन और कुवैत जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों के क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है। दोहा के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की। ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखे, तो वह पूरे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा और संचार नेटवर्क को निशाना बनाएगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट

इस संघर्ष का सबसे भयावह पहलू होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी के बाद, वैश्विक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। समुद्री डेटा एजेंसी लॉयड लिस्ट के अनुसार, कई जहाज अपनी पहचान छिपाने के लिए 'डार्क ट्रांजिट' का सहारा ले रहे हैं। यदि ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों के माध्यम से लाल सागर (Red Sea) के तेल मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया, तो वैश्विक तेल बाजार में अभूतपूर्व उछाल और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान आ सकता है।