अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग ने विदेशी छात्रों (F), सांस्कृतिक विनिमय (J) और मीडिया कर्मियों (I) के वीजा नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिससे अब रुकने की अवधि सीमित हो जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- अमेरिकी सरकार अब F, J और I वीजा श्रेणियों के लिए एक निश्चित समय सीमा लागू करने की योजना बना रही है।
- वर्तमान में, ये वीजा कार्यक्रम की अवधि या रोजगार समाप्त होने तक मान्य होते हैं।
- यह प्रस्ताव अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा पेश किया गया है और अब कांग्रेस की समीक्षा के अधीन है।
वाशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका की आव्रजन नीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेशी छात्रों, सांस्कृतिक विनिमय प्रतिभागियों और मीडिया कर्मियों के लिए वीजा नियमों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इस नए प्रस्ताव का उद्देश्य वर्तमान में उपलब्ध 'ओपन-एंडेड' या अनिश्चितकालीन प्रवास की सुविधा को समाप्त कर एक निश्चित समय सीमा (Fixed Time Period) लागू करना है।
किन वीजा श्रेणियों पर होगा प्रभाव?
प्रस्तावित नियमों के तहत तीन प्रमुख श्रेणियों को सीधे तौर पर प्रभावित किया जाएगा:
- F वीजा: जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन करने की अनुमति देता है।
- J वीजा: जो सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों (Cultural Exchange Programs) के माध्यम से अमेरिका आने वाले आगंतुकों को कार्य करने की अनुमति देता है।
- I वीजा: जो अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर्मियों और पत्रकारों को अमेरिका में रिपोर्टिंग करने की सुविधा प्रदान करता है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, ये वीजा तब तक वैध रहते हैं जब तक छात्र का शैक्षणिक कार्यक्रम जारी है या पत्रकार का रोजगार बना हुआ है। हालांकि, नए नियमों के लागू होने के बाद, इन श्रेणियों के लिए प्रवास की एक सख्त और पूर्व-निर्धारित समय सीमा तय कर दी जाएगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य
DHS द्वारा फेडरल रजिस्टर में की गई इस पोस्ट के अनुसार, यह कदम आव्रजन नियंत्रण को और अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है। हालांकि, इन नियमों को अंतिम रूप देने और प्रभावी करने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा और मंजूरी अनिवार्य है। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो यह वैश्विक स्तर पर उन लाखों लोगों के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकता है जो शिक्षा, शोध या पत्रकारिता के माध्यम से अमेरिका से जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से अमेरिकी विश्वविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या और वैश्विक मीडिया की स्वतंत्रता पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। यह कदम अमेरिका की बदलती विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा प्राथमिकताओं का भी संकेत देता है।