संयुक्त राज्य ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विज़िटर्स और पत्रकारों के लिए अनिश्चितकालीन रहने की सुविधा बंद कर दी है। अब F, J और I गैर-इमिग्रेंट वीज़ा धारकों को अधिकतम चार साल की अवधि में सीमित किया गया है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- F, J, I वीज़ा अब अधिकतम 4 वर्ष के लिए सीमित
- वर्तमान “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” वाले वीज़ा धारकों को नई प्रणाली में बदल दिया जाएगा
- विज़ा विस्तार अब USCIS के माध्यम से, बायोमैट्रिक और पृष्ठभूमि जाँच के साथ
संयुक्त राज्य ने 17 जुलाई को एक नई नियमन के माध्यम से विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विज़िटर्स और पत्रकारों के लिए अनिश्चितकालीन रहने की अनुमति समाप्त कर दी। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने बताया कि F, J और I श्रेणी के गैर-इमिग्रेंट वीज़ा अब अधिकतम चार साल की अवधि के लिए ही मान्य रहेंगे।
पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक संदर्भ
1978 से जारी “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” (D/S) नीति ने इन वीज़ा धारकों को कोर्स पूरा होने तक या कार्यक्रम समाप्त होने तक अनिश्चितकालीन रूप से रहने की सुविधा दी। यह लचीलापन कई छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों में लगातार नामांकन करके “सदैव छात्र” बनने की स्थिति प्रदान करता था, जिससे इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग हुआ।
नयी नियमावली के प्रमुख बिंदु
नए नियम के अनुसार:
- F‑विज़ा (विद्यार्थी) और J‑विज़ा (एक्सचेंज विज़िटर) धारकों को केवल अपने विशिष्ट कार्यक्रम की अवधि के लिए, परन्तु अधिकतम चार साल तक ही रहने की अनुमति होगी।
- पहले से “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” के तहत रहने वाले सभी वीज़ा धारकों को स्वचालित रूप से नई प्रणाली में स्थानांतरित किया जाएगा, और उनकी अधिकतम वैध अवधि चार साल निर्धारित की जाएगी।
- यदि चार साल से अधिक समय चाहिए तो धारकों को यू.एस. सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) से विस्तारित रहने की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें बायोमैट्रिक, पृष्ठभूमि जाँच और धोखाधड़ी स्क्रीनिंग शामिल होगी।
संभावित प्रभाव
यह परिवर्तन कई स्तरों पर असर डालेगा। भारतीय छात्रों के लिए, यह योजना अब अधिक स्पष्ट समय सीमा लाएगी, जिससे स्नातक के बाद नौकरी खोज या अन्य वीज़ा विकल्पों की योजना बनाना आसान होगा। दूसरी ओर, विश्वविद्यालयों को अब छात्रों की वैधता की निगरानी के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कार्य करना पड़ेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से, नियमित वीज़ा पुनःजांच प्रणाली से संभावित दुरुपयोग को रोकने की संभावना बढ़ेगी।
विशेषज्ञों की राय
इमिग्रेशन कानून विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह का कहना है, “चार साल की सीमा छात्रों को उनके शैक्षणिक लक्ष्य पर केंद्रित रखेगी और अनावश्यक लम्बे प्रवास को रोकेगी। यह नीति भारत सहित कई देशों के छात्रों के लिए स्पष्ट मार्ग प्रदान करती है।”
अंत में, DHS के सचिव मार्कवेन मुल्लिन ने कहा कि यह कदम “विदेशी छात्रों को उनके मुख्य उद्देश्य—शिक्षा—पर फोकस रखने और समय पर अपने देश लौटने के लिए प्रेरित करेगा।”