डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा प्रस्तावित गाज़ा पुनर्निर्माण योजना अब बड़े स्तर के पुनर्निर्माण से हटकर राफ़ाह के पास एक छोटे पैमाने के अस्थायी कैंप तक सीमित हो गई है। निरंतर संघर्ष और राजनीतिक अनिश्चितता ने इस योजना की गति को धीमा कर दिया है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • ट्रम्प की मूल गाज़ा पुनर्निर्माण योजना घट कर राफ़ाह में एक पायलट कैंप तक सीमित हुई
  • जारी संघर्ष और इज़राइल में चुनावी अनिश्चितता के कारण कार्य धीमा है
  • अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और फिलिस्तीनी पुलिस की तैयारी अभी प्रारम्भिक चरण में है

डोनाल्ड ट्रम्प की अध्यक्षता में प्रस्तावित गाज़ा पुनर्निर्माण योजना, जो युद्ध‑ग्रस्त क्षेत्र को १०० दिनों में पूरी तरह से फिर से स्थापित करने का वादा करती थी, अब एक छोटा पायलट प्रोजेक्ट बनकर रह गई है। मूल योजना में स्वास्थ्य सुविधाओं का पुनर्स्थापन, जल‑विद्युत नेटवर्क की मरम्मत, सीवेज प्रणाली की पुनःस्थापना और पूरे गाज़ा में जीवन को सामान्य करने का लक्ष्य शामिल था। लेकिन हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अब यह प्रयास राफ़ाह के दक्षिणी किनारे पर एक अस्थायी शिविर बनाने तक सीमित हो गया है, जहाँ केवल कुछ दसियों हज़ार बेघर फिलिस्तीनी को पोर्टेबल यूनिट में शरण दी जाएगी।

पुर्ननिर्माण के मूल लक्ष्य से विचलन

जब ट्रम्प की "बोर्ड ऑफ पीस" (BoP) ने इस योजना को उजागर किया, तब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आशा की कि व्यापक मानवीय सहायता के साथ गाज़ा की बुनियादी ढांचा पुनर्निर्माण तेज़ी से शुरू होगा। लेकिन वास्तविकता में, निरंतर शत्रुता और इज़राइल के लगातार सैन्य ऑपरेशनों ने इस प्रक्रिया को फ्रीज कर दिया। गाज़ा के भीतर चल रहे संघर्ष ने न केवल निर्माण कार्य को रोक दिया, बल्कि मानवीय सहायता के मार्गों को भी बाधित किया। इस कारण, कई पश्चिमी राजनयिकों ने कहा है कि इज़राइल में 27 अक्टूबर को निर्धारित चुनावों के बाद ही वास्तविक पुनर्निर्माण संभव हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल और सुरक्षा चुनौतियाँ

योजना में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) की भागीदारी भी शामिल थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करना था। वर्तमान में मोरक्को और कोसोवो से कुछ अधिकारी इज़राइल में पहुंचे हैं, लेकिन वे अभी तक पूरी तरह से तैनात नहीं हुए हैं। एक लॉजिस्टिक बेस क़रेम शालोम सीमा पार के पास लगभग तैयार हो रहा है, परंतु पायलट कैंप के स्थायी ढाँचे की कोई ठोस शुरुआत नहीं हुई है। सैटेलाइट इमेजरी में केवल जमीन में हल्की खुरच दिख रही है, जबकि निर्माण कार्य अभी भी कागज़ पर ही है।

आलोचना और राजनीतिक प्रतिघात

इस संशोधित योजना की आलोचना विभिन्न पक्षों से आ रही है। इज़राइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने राफ़ाह कैंप को "एकत्रीकरण शिविर" कहा, जबकि बोर्ड ऑफ पीस के अधिकारी इस आरोप को खारिज कर रहे हैं और कहते हैं कि निवासियों को स्वतंत्र रूप से आने‑जाने की अनुमति होगी। साथ ही, फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने इज़राइल द्वारा रोक रखे गए अरबियों के कर राजस्व को इस परियोजना में उपयोग करने के खिलाफ आवाज़ उठाई है, यह तर्क देते हुए कि ये फंड इज़राइल के पास नहीं हैं।

भविष्य की दिशा

ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञ मानते हैं कि गाज़ा की व्यापक पुनर्निर्माण तभी संभव होगी जब स्थायी शांति समझौता हो और इज़राइल की सैन्य गतिविधियाँ समाप्त हों। वर्तमान में, यदि संघर्ष फिर से बढ़ता है, तो यहाँ तक कि छोटा पायलट प्रोजेक्ट भी जोखिम में पड़ सकता है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को न केवल मानवीय सहायता बल्कि राजनीतिक समाधान की दिशा में सक्रिय मध्यस्थता करना आवश्यक है।