प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात कर पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से बात कर पूर्व अमीर के निधन पर संवेदना व्यक्त की।
  • शेख हमद को भारत और भारतीय समुदाय के प्रति उनके प्रेम के लिए याद किया गया।
  • भारत ने कतर के पूर्व अमीर के सम्मान में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया।
  • भारत-कतर संबंधों को अब एक रणनीतिक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर के अमीर, शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान, पीएम मोदी ने कतर के 'फादर अमीर', शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री ने शेख हमद के व्यक्तित्व और भारत के साथ उनके मजबूत संबंधों को याद किया।

भारत-कतर संबंधों का स्वर्णिम अध्याय

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किया कि शेख हमद के मन में भारत के प्रति गहरा स्नेह था। उन्होंने कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति भी हमेशा गर्मजोशी दिखाई। प्रधानमंत्री ने कहा, "उनकी स्थायी विरासत हमारे दोनों देशों का मार्गदर्शन करती रहेगी क्योंकि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को और अधिक मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।"

राजनयिक स्तर पर शोक संवेदनाएं

भारत सरकार ने इस दुख की घड़ी में कतर के प्रति एकजुटता दिखाई है। इससे पहले इस सप्ताह, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कतर की यात्रा की और भारत की ओर से शोक संवेदनाएं पहुंचाईं। रिजिजू ने शेख हमद को एक दूरदर्शी नेता बताया, जिन्होंने ऐतिहासिक भारत-कतर मित्रता की नींव रखी थी, जो आज एक व्यापक रणनीतिक संबंधों में बदल चुकी है।

राष्ट्रीय शोक और कूटनीतिक महत्व

शेख हमद के निधन के सम्मान में भारत ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। इस अवसर पर दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और अन्य सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ रखा गया। कतर के साथ भारत के संबंध ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के मामले में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और शेख हमद के नेतृत्व में इन संबंधों को एक नई ऊंचाई मिली थी।