प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात कर 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने भारत-कतर रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके दूरदर्शी नेतृत्व और योगदान को याद किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
- भारत सरकार ने दिवंगत नेता के सम्मान में 13 जुलाई को देशव्यापी राजकीय शोक घोषित किया था।
- शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को आधुनिक कतर का मुख्य वास्तुकार और भारत का करीबी मित्र माना जाता था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर अपनी और पूरे भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि 'फादर अमीर' का हाल ही में 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था, जिसके बाद भारत सरकार ने उनके सम्मान में एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी और पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया था।
'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी को आधुनिक कतर के निर्माण का मुख्य वास्तुकार माना जाता है। उनके नेतृत्व में कतर ने न केवल आर्थिक रूप से अभूपूर्व प्रगति की, बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी एक प्रमुख स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने उनके दूरदर्शी नेतृत्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत-कतर संबंधों को मजबूत करने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका की सराहना की।
भारत और कतर के बीच संबंध केवल व्यापारिक नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध भी रहे हैं। कतर में रहने वाले विशाल भारतीय समुदाय के प्रति 'फादर अमीर' का विशेष लगाव था। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित करते हुए लिखा कि भारतीय समुदाय के प्रति उनका स्नेह और भारत-कतर रणनीतिक साझेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
इस कूटनीतिक बातचीत के दौरान कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने इस कठिन समय में भारत द्वारा दिखाए गए समर्थन और संवेदनाओं के लिए गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। भारत द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर राजकीय शोक मनाना यह दर्शाता है कि नई दिल्ली खाड़ी देशों, विशेषकर कतर के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देती है।
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल भारत की 'एक्ट वेस्ट' नीति को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्रों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और अधिक प्रगाढ़ होने की उम्मीद है। 'फादर अमीर' की विरासत दोनों देशों के भविष्य के संबंधों को दिशा देती रहेगी।