अमेरिका के यूटा राज्य में एक भारतीय नागरिक सैयद सोहेलुद्दीन पर उनके धर्म को लेकर जानलेवा हमला किया गया है। आरोपी पीटर माइकल लार्सन ने सोहेलुद्दीन पर चाकू से 15 वार किए, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और भारतीय वाणिज्य दूतावास मामले की निगरानी कर रहा है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यूटा के वैली सिटी मॉल में भारतीय नागरिक सैयद सोहेलुद्दीन पर चाकू से 15 बार वार किया गया।
  • हमलावर पीटर माइकल लार्सन ने कबूल किया कि उसने धार्मिक कारणों से पीड़ित को निशाना बनाया।
  • सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

अमेरिका के यूटा प्रांत से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है, जहां एक भारतीय नागरिक पर उसके धर्म को लेकर जानलेवा हमला किया गया है। यूटा के वेस्ट वैली सिटी स्थित वैली सिटी मॉल में काम करने वाले सैयद सोहेलुद्दीन पर आरोपी पीटर माइकल लार्सन ने चाकू से 15 बार वार किया। चश्मदीदों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमला करने से पहले लार्सन ने सोहेलुद्दीन से उसका धर्म पूछा था, जो इस हमले के पीछे की सांप्रदायिक और घृणा से भरी मानसिकता को दर्शाता है।

आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

इस हिंसक घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी पीटर माइकल लार्सन को गिरफ्तार कर लिया। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, लार्सन पर हत्या के प्रयास और प्रतिबंधित खतरनाक हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उसने सोहेलुद्दीन के धार्मिक विश्वासों के कारण ही उसे निशाना बनाया था। घटना के वक्त मॉल में मौजूद साहसी नागरिकों ने हस्तक्षेप कर लार्सन को काबू किया, जिससे उसकी जान बच सकी। इस दौरान आरोपी को भी मामूली चोटें आईं।

राजनयिक प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य अपडेट

गंभीर रूप से घायल सोहेलुद्दीन को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी आपातकालीन सर्जरी की गई। इस दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा कि वे पीड़ित के परिवार और दोस्तों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव कांसुलर सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

घृणा अपराधों की पृष्ठभूमि

अमेरिका में भारतीय प्रवासियों और दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराध (Hate Crimes) लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। हाल के वर्षों में नस्लीय और धार्मिक पूर्वाग्रहों के कारण निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए अमेरिकी प्रशासन को और अधिक कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि वहां रह रहे विदेशी नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।