यूटा के वैली फेयर मॉल में एक भारतीय मूल के व्यक्ति पर धार्मिक कट्टरता के कारण जानलेवा हमला किया गया। हमलावर ने पीड़ित से उसका धर्म पूछा और फिर ताबड़तोड़ चाकू से वार कर दिया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यूटा, अमेरिका के वैली फेयर मॉल में भारतीय मूल के सोहेल (37) पर जानलेवा हमला।
  • आरोपी पीटर माइकल लार्सन ने धार्मिक नफरत के चलते हमले की बात स्वीकार की।
  • पीड़ित को शरीर पर 15 बार चाकू मारा गया, वर्तमान में हालत गंभीर है।
  • आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका उद्देश्य मुसलमानों को निशाना बनाना है।

अमेरिका के यूटा (Utah) राज्य से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ धार्मिक उन्माद के चलते एक भारतीय मूल के व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया। यह घटना वेस्ट वैली सिटी स्थित वैली फेयर मॉल (Valley Fair Mall) की है, जहाँ काम कर रहे 37 वर्षीय सोहेल को एक अज्ञात हमलावर ने निशाना बनाया।

धार्मिक प्रोफाइलिंग और अचानक हमला

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर पीटर माइकल लार्सन (48) ने सोहेल के पास जाकर पहले उसका नाम और मूल स्थान पूछा। जब सोहेल ने बताया कि वह भारत से है, तो लार्सन ने उससे उसका धर्म पूछा। जैसे ही सोहेल ने पुष्टि की कि वह मुस्लिम है, लार्सन ने बिना किसी चेतावनी के उस पर चाकू से हमला कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, सोहेल को उसके शरीर पर 15 बार चाकू मारा गया, जिससे वह अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर स्थिति में पहुँच गया।

आरोपी की खतरनाक विचारधारा

पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे और भी भयावह हैं। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी लार्सन ने खुद स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य 'मुसलमानों को मारना' है। पुलिस ने लार्सन को एक सार्वजनिक खतरा माना है, क्योंकि उसकी विचारधारा और पूर्व नियोजित हिंसा की मंशा समाज के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकती है। घटना के तुरंत बाद मॉल में मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए हमलावर को काबू में किया, जब तक कि पुलिस मौके पर नहीं पहुँच गई।

सामुदायिक एकजुटता और वर्तमान स्थिति

इस घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। सोहेल के सहकर्मी लूना नुनेज़ ने पीड़ित की चिकित्सा सहायता के लिए 'GoFundMe' के माध्यम से फंड जुटाने का प्रयास शुरू किया है। फिलहाल सोहेल अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रहा है। यह घटना अमेरिका में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता और लक्षित हिंसा (Targeted Violence) की गंभीर तस्वीर पेश करती है, जो प्रवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।