डच शोध टीम ने लक्सर के पश्चिमी किनारे स्थित शेख अब्देल-कुर्ना नेक्रॉपोलिस में पासर नाम के व्यक्ति की कब्र की खोज की। कब्र में उल्टे ‘T’ आकार का चट्टान-कट गया चैपल और खुला आँगन शामिल है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • लग्ज़र में 3,000 साल पुराना रामेसिड कब्र मिला
  • कब्र पासर नाम के व्यक्ति से जुड़ी है
  • डच-लीडेन विश्वविद्यालय की टीम ने खोज की

डच लीडेन विश्वविद्यालय की पुरातत्व टीम ने इजिप्त के लक्सर के पश्चिमी किनारे स्थित शेख अब्देल‑कुर्ना नेक्रॉपोलिस में एक उल्लेखनीय कब्र की खोज की, जिसे लगभग 3,000 साल पुराना माना जा रहा है। इस कब्र को रामेसिड काल (लगभग 1292‑1077 ईसा पूर्व) से जोड़ा गया है, जो प्राचीन इजिप्त के नवविजयन राजवंश की चमकदारी को दर्शाता है।

कब्र का विवरण और वास्तुशिल्पीय महत्व

कब्र का मुख्य प्रवेश द्वार एक खुला आँगन है, जिससे आगे एक उल्टे “T” आकार का चट्टान‑कट चैपल तक पहुँचता है। इस अनोखी योजना ने पुरातत्वविदों को इस अवधि की धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं के बारे में नई समझ प्रदान की है। उल्टे “T” का आकार संभवतः पूजा स्थल के रूप में उपयोग हुआ होगा, जहाँ धूप और छायाओं का खेल आध्यात्मिक महत्व रखता था।

पासर: कब्र का मालिक कौन था?

कब्र के भीतर पाए गए अभिलेखों से पता चलता है कि यह कब्र पासर नामक व्यक्ति से सम्बंधित है। पासर संभवतः एक उच्च पदस्थ अधिकारी या स्थानीय शासक हो सकता था, क्योंकि इस स्तर की कब्रें आम तौर पर अभिजात्य वर्ग के लिए आरक्षित होती थीं। इस खोज से रामेसिड काल में सामाजिक वर्गीकरण और प्रशासनिक संरचना पर नई रोशनी पड़ती है।

डच मिशन की खोज प्रक्रिया

लीडेन विश्वविद्यालय की टीम ने कई महीनों तक सैटेलाइट इमेजरी, ग्राउंड‑पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) और स्थानीय पुरातत्वीय सर्वेक्षणों का उपयोग किया। इस बहु-प्रौद्योगिकीय दृष्टिकोण ने उन्हें कठिन भू-भाग में भी सटीक स्थान पहचानने में मदद की, जिससे कब्र की सुरक्षित उत्खनन संभव हुई। टीम ने बताया कि इस खोज ने न केवल स्थानीय इतिहास को पुनः लिखने की संभावना बढ़ाई, बल्कि भविष्य में इसी क्षेत्र में और भी कई महत्वपूर्ण रहस्यों को उजागर कर सकती है।

भविष्य की खोज और संरक्षण की दिशा

इस कब्र की खोज इजिप्त के वैध इतिहासकारों और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों दोनों के बीच सहयोग का नया मॉडल प्रस्तुत करती है। अब संरक्षण विशेषज्ञों को इस स्थल को जलवायु परिवर्तन, पर्यटन और अवैध उत्खनन से बचाने के लिए रणनीतिक योजनाएँ बनानी होंगी। साथ ही, इस खोज से निकाले जाने वाले कलात्मक और शिल्प वस्तुओं की विस्तृत अध्ययन से रामेसिड काल के दैनिक जीवन, धर्म और कला के बारे में नई अंतर्दृष्टि मिल सकती है।