दिल्ली ने 14‑से‑14‑साल की लड़कियों के लिए राष्ट्रीय HPV टीके योजना को तेज़ करने हेतु 100 दिनों में 1.49 लाख टीके लगाने का नया लक्ष्य तय किया है। इस पहल में स्कूलों के साथ गहन सहयोग और सोशल‑मीडिया मिथ्या सूचना को खारिज करने के लिए जागरूकता अभियान शामिल है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 100 दिनों में 1.49 लाख HPV टीके लगाना लक्ष्य
  • सरकारी स्कूलों में गहन सहभागिता
  • मिथ्या सूचना के विरोध में वीडियो‑आधारित जागरूकता

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने अपने HPV टीका अभियान की पहली 90 दिन की समीक्षा के बाद लक्ष्य पुनः निर्धारित किया। अब वह अगले 100 दिनों में 1.49 लाख 14‑से‑14‑साल की लड़कियों को टीका देने का आशावादी लक्ष्य रख रहा है, जिससे भारत में सर्वाइकल कैंसर को रोकने की राष्ट्रीय रणनीति को गति मिलेगी।

पृष्ठभूमि और राष्ट्रीय संदर्भ

भारत ने 28 फ़रवरी 2026 को राष्ट्रीय HPV टीका कार्यक्रम शुरू किया, जिसका उद्देश्य प्रत्येक वर्ष लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को टीका देना है। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है और हर साल 80 हज़ार से अधिक मौतों का कारण बनता है। इस प्रकार, टीका न केवल रोग रोकथाम में बल्कि स्वास्थ्य लागत को घटाने में भी महत्वपूर्ण है।

दिल्ली में वर्तमान प्रगति

देशव्यापी कार्यक्रम के चार महीने बाद, दिल्ली ने लगभग 13,500 डोज़ का प्रशासन किया है। हालांकि यह संख्या धीरे‑धीरे बढ़ी है, लेकिन शैक्षणिक कैलेंडर की बाधाओं—परीक्षा सत्र और गर्मी की छुट्टियों—के कारण लक्ष्य से पीछे रह गया। विभाग ने शिक्षा विभाग को फिर से लिखकर स्कूल‑स्तर पर पूर्ण सहयोग की मांग की और अब स्कूलों के पुनः खुलने के साथ नया तेज़ी से कार्यान्वयन शुरू किया है।

स्कूल‑आधारित रणनीति और सामुदायिक सहभागिता

स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक जिले के उप शिक्षा निदेशकों (DDE) और स्कूल प्रिंसिपलों के साथ आभासी एवं प्रत्यक्ष बैठकें आयोजित की हैं। डॉक्टरों को स्कूलों में जाकर HPV के लाभ और मिथ्या सूचना को दूर करने के लिए वीडियो दिखाने, माता‑पिता के सहमति फॉर्म दोबारा भेजने और व्यक्तिगत रूप से जागरूकता सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। यह दो‑तरफ़ा संवाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भरोसा बनाता है, जिससे टीका लेने की इच्छा बढ़ती है।

मिथ्या सूचना पर जवाबी कार्रवाई

दिल्ली में सोशल‑मीडिया के तेज़ प्रसार के कारण स्वास्थ्य‑संबंधी अफवाहें तेजी से फैलती हैं। विभाग ने वरिष्ठ डॉक्टरों की वीडियो‑साक्षात्कार, 2009 में टीका प्राप्त करने वाली महिलाओं की सफलता कहानियों और स्पष्ट तथ्यात्मक ग्राफ़िक का उपयोग करके गलत जानकारी को खारिज करने की योजना बनाई है। इस तरह की रणनीति केवल सूचना नहीं बल्कि विश्वास भी निर्मित करती है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल की सफलता के लिए आवश्यक है।

यदि यह व्यापक स्कूल‑आधारित अभियान सफल होता है, तो यह न केवल दिल्ली बल्कि अन्य शहरी क्षेत्रों में HPV टीका कार्यक्रम के मॉडल के रूप में काम कर सकता है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की घटनाएँ घटाने में बड़ा योगदान मिलेगा।