लखनऊ के एक निजी स्कूल में पांच वर्षीय छात्र को कथित तौर पर क्लास मॉनिटर द्वारा 12 मिनट तक पीटा गया, जिससे उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • लखनऊ के ALS अकादमी में 5 वर्षीय छात्र हृदय को क्लास मॉनिटर ने कथित तौर पर 12 मिनट तक पीटा।
  • सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि हमले के दौरान कोई भी शिक्षक या स्टाफ कक्षा में मौजूद नहीं था।
  • पुलिस ने स्कूल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और स्कूल ने आरोपी छात्र को निष्कासित कर दिया है।

लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल, ALS अकादमी में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा जगत में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पांच वर्षीय नर्सरी छात्र, जिसका नाम हृदय बताया जा रहा है, को कथित तौर पर उसकी कक्षा के मॉनिटर द्वारा लगभग 12 मिनट तक बेरहमी से पीटा गया। इस हमले के दौरान बच्चे के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसे तत्काल पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा।

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पोल

घटना का पता तब चला जब बुधवार को बच्चा स्कूल से घर लौटा और उसके चेहरे पर सूजन और चोट के निशान देखकर परिजन स्तब्ध रह गए। बच्चे के डर की हालत और दर्द को देखते हुए परिवार के सदस्यों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। परिजनों ने जब स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा और कक्षा के सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो वहां का नजारा और भी भयावह था। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि कक्षा मॉनिटर बच्चे को थप्पड़ मार रहा है, उसके बाल खींच रहा है और मुक्केबाजी कर रहा है। सबसे निंदनीय पहलू यह है कि इस पूरी घटना के दौरान कोई भी शिक्षक या स्कूल का कर्मचारी वहां मौजूद नहीं था और न ही किसी ने हस्तक्षेप किया।

प्रबंधन और पुलिस की कार्रवाई

इस घटना के बाद गुरुवार को बच्चे के परिजनों ने स्कूल के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया। प्रधानाचार्य ने पुष्टि की कि हमला करने वाले छात्र को स्कूल से निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि, सवाल यह उठता है कि जिम्मेदारी केवल एक बच्चे की ही क्यों, जबकि निगरानी की कमी स्कूल प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फुटेज का विश्लेषण कर रही है। जांच अधिकारियों ने कहा है कि वे यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि क्या कक्षा में शिक्षकों की लापरवाही शामिल थी और किसी भी दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल सुरक्षा पर बड़े सवाल

यह मामला निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की पोल खोलता है। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूलों में भेजकर उनकी सुरक्षित देखभाल की उम्मीद करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनके भरोसे को तोड़ देती हैं। 12 मिनट तक चले इस क्रूर हमले ने सिस्टम की विफलता को उजागर किया है। यह घटना एक चेतावनी है कि केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना काफी नहीं है, बल्कि उनकी निगरानी और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।