प्रसिद्ध लेखक स्टीफन किंग ने यूटा राज्य के सार्वजनिक स्कूलों से उनकी नॉवेला संग्रह ‘डिफरेंट सीज़न्स’ को प्रतिबंधित करने की निंदा की। इस कदम ने साहित्यिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शिक्षा नीति पर तीव्र बहस छेड़ दी।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • यूटा ने ‘डिफरेंट सीज़न्स’ को सार्वजनिक स्कूलों से प्रतिबंधित किया।
  • किंग ने इस कदम को ‘दोस्ताना साहस’ वाली कहानियों के खिलाफ अनावश्यक सेंसरशिप कहकर आलोचना की।
  • बैन का कारण ‘सेंसिटिव सामग्री’ के रूप में जननांगों के उल्लेख को लेकर किया गया है।

प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक स्टीफन किंग ने हाल ही में यूटा राज्य की शिक्षा नीति को तीखा प्रहार किया, जहाँ उनकी 1982 की नॉवेला संग्रह डिफरेंट सीज़न्स को सभी सार्वजनिक स्कूलों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह संग्रह चार नॉवेलाओं को सम्मिलित करता है, जिनमें ‘रिटा हेवर्थ एंड द शॉशंक रिडेम्प्शन’ (जो The Shawshank Redemption में बदला गया) और ‘द बॉडी’ (जो Stand by Me का आधार है) शामिल हैं।

पृष्ठभूमि और कानूनी ढांचा

यूटा के कानून के अनुसार, यदि कम से कम तीन स्कूल जिलों ने किसी पुस्तक को “ऑब्जेक्टिव सेंसिटिव मैटेरियल” मान लिया तो वह सभी सार्वजनिक स्कूलों में प्रतिबंधित हो जाती है। इस महीने डेविस, जॉर्डन, टूएल और वॉशिंगटन जिलों ने इस संग्रह को हटाने का फैसला किया, जिससे 6 जुलाई को राज्य-व्यापी बैन लागू हुआ। राज्य का कोड “ऑब्जेक्टिव सेंसिटिव मैटेरियल” को “अश्लील या अपमानजनक सामग्री” के रूप में परिभाषित करता है, जो नाबालिगों के लिए हानिकारक मानी जाती है।

बैन का विशिष्ट कारण

डाविस स्कूल जिले की आधिकारिक वेबसाइट ने बताया कि तीन पृष्ठों में जननांगों के “सेक्सुअल स्टिमुलेशन” के विवरण हैं, जो कानून के तहत प्रतिबंधित माने जाते हैं। ये पृष्ठ 184, 251 और 252 हैं, जहाँ पात्रों के शारीरिक उत्तेजना के स्पष्ट वर्णन होते हैं। अधिकांश टिप्पणीकारों का मानना है कि यह विवाद ‘एप्ट प्यूपिल’ नॉवेला के कारण है, जो एक युवा छात्र और एक प्राचीन नाज़ी युद्ध अपराधी के बीच के अंधकारमय संबंध को दर्शाता है।

किंग की प्रतिक्रिया और व्यापक प्रभाव

किंग ने सोशल मीडिया पर एक तीखा संदेश जारी किया: “डिफरेंट सीज़न्स को यूटा में बैन किया गया है। इसमें ‘स्टैंड बाय मी’ और ‘द शॉशंक रिडेम्प्शन’ जैसे दोस्ती और साहस की कहानियां हैं। ये किशोरों के लिए भी पढ़ने योग्य हैं। इन लोगों के साथ क्या समस्या है?” यह टिप्पणी न केवल बैन की निरर्थकता को उजागर करती है, बल्कि यूटा में चल रहे व्यापक बुक बैन प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती है। फरवरी में किंग की 1998 की ‘बैग ऑफ बॉन्स’ भी इसी तरह प्रतिबंधित हो चुकी थी।

न्यायिक चुनौती और भविष्य की दिशा

जनवरी में यूटा की अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन ने प्रथम और चौदहवें संशोधन के तहत इस बैन को असंवैधानिक घोषित करने की माँग करते हुए मुकदमा दायर किया। यह कदम साहित्यिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शैक्षणिक स्वायत्तता को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है। यदि अदालत बैन को निरस्त करती है, तो यह अन्य राज्यों में समान प्रतिबंधों के खिलाफ एक मिसाल स्थापित कर सकता है।