मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना का भविष्य उसके कक्षाओं में निहित है और सरकारी स्कूलों को पुनरुज्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कूठाकोटा गर्ल्स हाई स्कूल के नए भवन का उद्घाटन करते हुए शिक्षा में सुधार के अपने योजनाओं को रेखांकित किया।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सरकारी स्कूलों को तेलंगाना के पुनर्निर्माण में केंद्रीय भूमिका दी जाएगी
  • शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति और शिक्षक पदोन्नति तेज़ की गई
  • भविष्य में राज्य को शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष दो में लाने का लक्ष्य

हैदराबाद – राज्य के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कूठाकोटा गर्ल्स हाई स्कूल के नए भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकारी स्कूल तेलंगाना के विकास का मूल स्तंभ हैं। उन्होंने अपने स्वयं के सरकारी स्कूल छात्र से मुख्यमंत्री बनने तक के सफर को उद्धरण बनाकर कहा, “यदि कोई सरकारी स्कूल के छात्र की संभावनाओं पर सवाल उठाता है, तो मेरा उदाहरण ही उत्तर है।”

शिक्षा नीति में बदलाव

रेवंत रेड्डी ने पिछले कांग्रेस शासित सरकार की शिक्षा क्षेत्र में की गई उपेक्षा की ओर संकेत करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति करके और लंबित शिक्षक हस्तांतरण एवं पदोन्नति को पूरा करके सार्वजनिक शिक्षा को सुदृढ़ करने को प्राथमिकता दी है। इस कदम से स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने और विद्यार्थियों की संख्या घटने की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।

स्थानीय सुधार और भविष्य की योजना

कूठाकोटा स्कूल में सुधार का श्रेय स्थानीय विधायक माधुसूदन रेड्डी को दिया गया, जिन्होंने स्कूल के बुनियादी सुविधाओं को उन्नत किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य वर्तमान में राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में 18वें स्थान पर है, और इसे शीर्ष दो में लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इस दिशा में, “यंग इंडिया किट” वितरण को 15 अगस्त तक 27.5 लाख लाभार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सामाजिक प्रभाव

तेलंगाना की शिक्षा प्रणाली पर ऐतिहासिक रूप से कई चुनौतियाँ रही हैं, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के बलिदानों को अक्सर नज़रअंदाज़ किया गया है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनका उद्देश्य उन शहीदों की आकांक्षाओं को साकार करना है, ताकि हर बच्चा, चाहे उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सके। इस दृष्टिकोण से, सरकारी स्कूलों को न केवल बुनियादी वर्गिकरण बल्कि कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में निवेश ही तेलंगाना के आर्थिक और सामाजिक विकास की कुंजी है। उन्होंने सभी नागरिकों, शिक्षकों और नीति निर्माताओं से आग्रह किया कि वे मिलकर एक ऐसा शैक्षिक माहौल बनाएं जहाँ प्रत्येक छात्र को अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने का अवसर मिले।