जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने एंथ्रोपिक के उन्नत एआई मॉडल 'मिथोस' को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस तकनीक की तुलना आम लोगों के हाथों में 'बैलिस्टिक मिसाइल' सौंपने से की है और साइबर सुरक्षा को लेकर कड़े नियंत्रण की मांग की है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमन ने एंथ्रोपिक के मिथोस एआई मॉडल की तुलना व्यक्तियों को 'बैलिस्टिक मिसाइल' देने से की।
  • यह बैंक वर्तमान में इस एआई मॉडल का परीक्षण कर रहा है, जिसने कॉर्पोरेट सॉफ्टवेयर में हजारों कमजोरियों (vulnerabilities) का खुलासा किया है।
  • अमेरिकी प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण इन उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रणालियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से होते विकास के बीच, जेपी मॉर्गन चेस के सीईओ जेमी डिमन ने एक बेहद गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) के शक्तिशाली मॉडल 'मिथोस' (Mythos) की तुलना आम लोगों के हाथों में 'बैलिस्टिक मिसाइल' सौंपने से की है। सीनेटर डेव मैककॉर्मिक के पेन्सिलवेनिया डिफेंस एंड इनोवेशन समिट में बोलते हुए, डिमन ने जोर देकर कहा कि इस तरह की उन्नत एआई तकनीकों तक पहुंच को बेहद कड़ाई से नियंत्रित किया जाना चाहिए, अन्यथा यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।

मिथोस एआई का दोहरा खतरा

एंथ्रोपिक द्वारा विकसित 'मिथोस' मॉडल को इस साल की शुरुआत में जेपी मॉर्गन सहित कुछ चुनिंदा संस्थानों के लिए जारी किया गया था। इस मॉडल ने सॉफ्टवेयर प्रणालियों में सुरक्षा खामियों और कमजोरियों को खोजने की अपनी असाधारण क्षमता से सभी को हैरान कर दिया। जहां एक तरफ यह तकनीक कंपनियों को अपनी साइबर सुरक्षा मजबूत करने में मदद करती है, वहीं दूसरी तरफ यदि यह गलत हाथों में चली जाए, तो हैकर्स इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर हमलों के लिए कर सकते हैं। डिमन ने विश्लेषकों से कहा कि एआई ने साइबर सुरक्षा के परिदृश्य को और अधिक जटिल और संवेदनशील बना दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी प्रतिबंध

इस तकनीक के भू-राजनीतिक खतरों को देखते हुए अमेरिकी सरकार पहले ही कदम उठा चुकी है। जून में, अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए एंथ्रोपिक को विदेशी नागरिकों के लिए अपने शीर्ष एआई मॉडल 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' तक पहुंच को सीमित करने का आदेश दिया था। हालांकि, कंपनी द्वारा नए सुरक्षा उपाय लागू करने के बाद इन प्रतिबंधों को हटा लिया गया था। डिमन का मानना है कि इन शक्तिशाली उपकरणों का दुरुपयोग रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर सख्त नियमन की आवश्यकता है।

जेपी मॉर्गन की साइबर सुरक्षा रणनीति

बाजार पूंजीकरण के मामले में दुनिया के सबसे बड़े बैंक जेपी मॉर्गन चेस के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जेरेमी बर्नम ने भी डिमन की चिंताओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय उद्योग लंबे समय से जानता है कि एआई का उपयोग हैकर्स द्वारा 'अटैक मोड' में किया जा सकता है। डिमन ने स्पष्ट किया कि उन्नत एआई टूल्स के इस्तेमाल के बावजूद बुनियादी साइबर स्वच्छता (cyber hygiene) जैसे कि डेटा सुरक्षा, राउटर और हार्डवेयर को सुरक्षित रखना और पासवर्ड नियमित रूप से बदलना ही साइबर हमलों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।